पंजाब में फिर रारः राणा गुरजीत को मंत्री बनाने के विरोध में कांग्रेसी, सिद्धू समेत CM को लिखा खत

यह पत्र पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहिंदर सिंह कायपी, विधायक नवतेज सिंह चीमा, बलविंदर सिंह धालीवाल, बावा हेनरी, राज कुमार, शाम चौरसी, पवन आदिया और सुखपाल सिंह खैरा ने लिखा है।

punjab congress, navjot singh sidhu, punjab अमृतसर में PPCC चीफ नवजोत सिंह सिद्धू के साथ सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और अन्य। (फाइल फोटोः पीटीआई)

पंजाब में नया मुख्यमंत्री बन जाने के बाद भी सियासी संकट का स्थाई हल नहीं होता नजर आ रहा है। सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के मंत्रिमंडल विस्तार से ऐन पहले फिर से रार देखने को मिली। दरअसल, राणा गुरजीत सिंह को कबीना मंत्री बनाने के विरोध में कांग्रेसियों ने ही आवाज उठा दी और इस बाबत पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) चीफ नवजोत सिंह सिद्धू समेत मुख्यमंत्री को एक खत लिख दिया।

रविवार (26 सितंबर, 2021) को इस लिखे गए इस पत्र के जरिए कांग्रेसियों के एक वर्ग ने मांग की कि ‘दागी’ पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इन नेताओं का कहना है कि मंत्री पद उनकी (राणा गुरजीत) जगह साफ छवि वाले दलित नेता को दिया जाना चाहिए। इस पत्र की प्रति मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी भेजी गई है।

सूत्रों ने बताया कि पंजाब मंत्रिमंडल में सात नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है जबकि पांच मंत्री जो अमरिंदर सिंह नीत सरकार का हिस्सा थे, उन्हें संभवत: हटा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परगट सिंह, राज कुमार वेरका, गुरकीरत सिंह कोटली, संगत सिंह गिलजियान, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, कुलजीत नागरा और राणा गुरजीत सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, नामों की सूची की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

बालू खनन ठेकों की नीलामी में अनियमितता के आरोपों को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का सामना करने के बाद राणा गुरजीत सिंह को 2018 में अमरिंदर सिंह के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था। तब वह सिंचाई एवं ऊर्जा मंत्री थे। सिद्धू को भेजे पत्र में इन नेताओं ने कहा है कि राणा गुरजीत सिंह ‘‘दोआबा के भ्रष्ट एवं दागी नेता हैं’’ तथा उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

यह पत्र पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहिंदर सिंह कायपी, विधायक नवतेज सिंह चीमा, बलविंदर सिंह धालीवाल, बावा हेनरी, राज कुमार, शाम चौरसी, पवन आदिया और सुखपाल सिंह खैरा ने लिखा है। खैरा हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में आए हैं।