पंजाब सरकार ने बदले दस सरकारी स्कूलों के नाम, हॉकी खिलाड़ियों को समर्पित किए

पंजाब सरकार ने ऐलान किया है कि ओलंपिक पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों के क्षेत्रों के स्कूलों के नाम उनके नाम पर रखे जाएंगे।

Punjab government, Names of ten government schools, hockey players, CM Punjab ओलंपिक के मैच में भारतीय खिलाड़ी की स्पोर्ट्स मैन शिप। (फोटोः ट्विटर@TheHockeyIndia)

पंजाब सरकार ने ऐलान किया है कि ओलंपिक पदक विजेता हॉकी खिलाड़ियों के क्षेत्रों के स्कूलों के नाम उनके नाम पर रखे जाएंगे। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के 11 पंजाबी खिलाड़ियों के नाम पर स्कूलों के नाम रखने की मंजूरी दे दी है।

स्कूल शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा कि भारतीय खेल के क्षेत्र में पंजाब का सुनहरा योगदान है। सूबे ने ओलंपिक के लिए देश की दूसरी सबसे बड़ी टीम भेजी थी। कुल 124 खिलाड़ियों में से 20 पंजाब के थे। उन्होंने कहा कि पदक विजेता के क्षेत्र की सड़कों का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास विद्यार्थियों और अन्य नौजवानों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मीठापुर, जालंधर का नाम हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह के नाम पर रखा गया है। जीएसएसएस तिम्मोवाल अमृतसर का नाम वाइस कैप्टन हरमनप्रीत सिंह के नाम पर रखा गया है। वह छह गोल के साथ भारत के लिए ओलंपिक में शीर्ष स्कोरर थे।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने तोक्यो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने तीसरे स्थान के प्लेऑफ में जर्मनी को 5-4 से हराकर कांस्य पदक जीता था जो देश का ओलिंपिक में 41 साल के बाद हॉकी में पहला पदक था। भारत ने ओलंपिक में कुल 8 गोल्ड मेडल जीते हैं।

भारत ने हॉकी में सबसे पहले 1928 के ओलिंपिक खेलों में भाग लिया था। देश ने नीदरलैंड्स में हुए ओलिंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। अमेरिका में 1932 में और 1936 में जर्मनी में हुए ओलिंक में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। आजादी के बाद भारत ने इंग्लैंड में हुए 1948 के ओलिंपिक, 1952 में फिनलैंड ओलिंपिक और फिर 1957 में ऑस्ट्रेलिया में हुए ओलिंपिक खेलों में भी गोल्ड मेडल जीतकर हैट्रिक लगाई।
इसके बाद भारत ने 1964 और 1980 में भी गोल्ड जीता।