पंजाब: सिद्धू ने कांग्रेस नेतृत्व से कहा, मुझे फैसले करने की आजादी दें

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह सुनिश्चित करेंगे कि कांग्रेस राज्य की सत्ता में अगले 20 साल बनी रहे। उनका कहना है कि उन्होंने इसको लेकर रूपरेखा तैयार की है।

Punjay, Congress पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि जब अध्यक्ष है तो फैसले भी वहीं करेंगे। (Express photo by Jasbir Malhi)

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी नेतृत्व से कहा है कि उन्हें फैसले लेने की आजादी दी जाए, नहीं तो वह मुंहतोड़ जवाब देंगे। दूसरी तरफ, कांग्रेस का कहना है कि पार्टी की राज्य इकाइयों के प्रमुख कांग्रेस के मापदंडों और संविधान के दायरे में रहकर फैसले करने के लिए स्वतंत्र हैं। इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि अगर राज्य इकाई के प्रमुख फैसले नहीं करेंगे तो कौन करेगा।

सिद्धू ने पहले कहा कि कांग्रेस आलाकमान को उन्हें फैसले करने की आजादी देनी चाहिए और वह सुनिश्चित करेंगे कि कांग्रेस राज्य की सत्ता में अगले 20 साल बनी रहे। उनका कहना है कि उन्होंने इसको लेकर रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने अमृतसर में एक सभा में कहा, ‘पार्टी आलाकमान को निर्णय लेने की आजादी देनी चाहिए, अन्यथा मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।’

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उनकी इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर रावत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मैं देखूंगा कि सिद्धू ने किस संदर्भ में यह टिप्पणी की है। वह पंजाब कांग्रेस के सम्मानीय अध्यक्ष हैं। अगर प्रदेश अध्यक्ष फैसले नहीं करेंगे तो कौन करेगा।’

सोनिया से मिले रावत, पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त करने का आग्रह किया

कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर आग्रह किया कि उन्हें पंजाब के लिए पार्टी प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए ताकि वह अगले साल होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि सोनिया से मुलाकात के दौरान पंजाब कांग्रेस से संबंधित विषयों पर चर्चा करने के साथ ही प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने का आग्रह किया। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख रावत ने गुरुवार को कहा था कि उनके मन में यह है कि राज्य विधानसभा चुनाव पर पूरा ध्यान लगाने के लिए वह नेतृत्व से पंजाब प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी से मुक्त किए जाने का आग्रह करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा था, ‘अगर मेरी पार्टी कहती है, आप इसे (पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी) जारी रखें तो मैं इस जिम्मेदारी का निवर्हन करता रहूंगा।’ उल्लेखनीय है कि पंजाब और उत्तराखंड में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होना है।