पंजाब CM के लिए रंधावा का ‘चला नाम’ तो बिगड़ गया था सिद्धू का मूड, जानें- क्या सुखजिंदर का “अड़ियल” रवैया बना रोड़ा

रंधावा के साथ- साथ दो उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही थी लेकिन सारे दावे गलत साबित हुए।

Sukhjinder Randhawa, Congress, Punjab, CM पंजाब कांग्रेस के नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा (एक्सप्रेस फोटो, जसबीर मल्ही)

पिछले लगभग एक साल से चल रहे विवाद के बाद पंजाब में चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस की तरफ से नए मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। एक समय मुख्यमंत्री के दौर में सुखजिंदर सिंह रंधावा सबसे आगे चल रहे थे। रविवार को सीएलपी की मीटिंग में उनके नाम पर लगभग सहमति बन गयी थी। लेकिन इसी बीच नवजोत सिद्धू उनके नाम पर सहमत नहीं दिखे।

खबरों के अनुसार रंधावा के नाम पर हाईकमान ने पहले सहमति जता दी थी। कई विधायक भी उनके पक्ष में थे लेकिन सिद्धू खेमा राजी नहीं हुआ। पांच घंटे तक चले मशक्कत के बाद सिद्धू खेमे ने दलित मुख्यमंत्री बनाने की बात कही। जिसके बाद चन्नी के नाम पर सभी लोग सहमत हो गए।राजनीति के जानकारों का मानना है कि सिद्धू ऐसा सीएम चाहते थे कि जो उनकी बात सुने। लेकिन सुखजिंदर का स्वभाव उस तरह का नहीं रहा है। रंधावा पहले भी काफी एग्रेसिव रहे हैं। साथ ही वो कैप्टन के भी नजदीक माने जाते हैं। रंधावा के साथ- साथ दो उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही थी लेकिन सारे दावे गलत साबित हुए।

खबरों में इस बात का दावा किया गया है कि रंधावा के नाम की जब चर्चा शुरू हुई तो नवजोत सिद्धू बैठक के बीच से उठ खड़े हुए थे। वो इतने गुस्से में थे कि पार्किंग में वो अपनी कार को भी नहीं पहचान रहे थे। चर्चा है कि सिद्धू सीधे पटियाला जाने वाले थे। इतने में ही किसी ने उन्हें चन्नी के नाम की घोषणा होने की जानकारी दी तो वो आधे रास्ते से वापस लौट गए।

अटकलों के बीच सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा था कि उनकी कभी किसी पद की लालसा नहीं रही है। विधायक दल के नए नेता के चयन के बारे में रंधावा ने कहा कि इस बारे में हमने कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत कर दिया है। यह पूछे जाने पर कि विधायक दल का नया नेता चुनने में इतना समय क्यों लग रहा है, तो रंधावा ने कहा कि अगर आप एक गांव का सरपंच चुनते हैं तो उसमें भी कभी-कभी 20 दिन लग जाते हैं।