पत्रकार बनना चाहती थीं प्रीति चंद्रा, अब IPS अधिकारी बनकर अपराधियों पर कस रहीं नकेल

प्रीति चंद्रा की पहली पोस्टिंग राजस्थान के अलवर में हुई थी, इस समय वह बीकानेर के एसपी पद पर हैं।

Preeti Chandra प्रीति चंद्रा बीकानेर की पहली महिला एसपी हैं। (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

नई दिल्ली: महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसका ताजा उदाहरण राजस्थान के बीकानेर की पहली महिला एसपी प्रीति चंद्रा हैं। वह मूल रूप से राजस्थान के सीकर की रहने वाली हैं। अपराधी उनसे थर-थर कांपते हैं और उनकी पहचान एक दबंग अधिकारी के तौर पर है।

जब वह करौली की एसपी थीं, तो कई डकैतों ने उनके नाम से खौफ खाकर सरेंडर कर दिया था। प्रीति चंद्रा IPS अधिकारी बनने से पहले टीचर थीं और पत्रकार बनना चाहती थीं। लेकिन बाद में उन्होंने UPSC की तैयारी करनी शुरू की और 2008 में पहले ही प्रयास में ही एग्जाम क्लीयर कर दिया।
प्रीति चंद्रा ने बिना कोचिंग के एग्जाम क्लीयर किया था।

थर-थर कांपते हैं अपराधी: प्रीति चंद्रा की पहली पोस्टिंग राजस्थान के अलवर में हुई थी, इसके बाद उन्होंने बूंदी, कोटा एसीबी और करौली में सेवाएं दीं। इस समय वह बीकानेर के एसपी पद पर हैं। वह जयपुर मेट्रो कॉरपोरेशन में पुलिस उपायुक्त के पद पर भी सेवाएं दे चुकी हैं। करौली में उनकी पोस्टिंग के दौरान कई डकैतों ने सरेंडर कर दिया था। वह निडर होकर चंबल के बीहड़ों में निकल जाती थीं। उन्होंने बूंदी में भी कई बच्चियों को देह व्यापार से बचाया। इसीलिए उन्हें लेडी सिंघम भी कहा जाता है।

प्रीति का जन्म 1979 में सीकर जिले के कुंदन गांव में हुआ था। उनकी मां ने कभी जीवन में पेंसिल भी नहीं पकड़ी लेकिन उन्होंने UPSC क्लीयर करके बता दिया कि प्रतिभा अभावों की मोहताज नहीं होती।

कॉलेज में पढ़ाई के दौरान था शादी का प्रेशर: प्रीति ने एक बार खुद बताया था कि जब उनका कॉलेज शुरू हुआ था तो रिश्तेदारों ने शादी का प्रेशर डालना शुरू किया था। लेकिन प्रीति की मां उन्हें पढ़ाने के पक्ष में थीं और उन्होंने प्रीति का काफी सपोर्ट किया। प्रीति ने एमफिल तक की पढ़ाई की है।

वह दस हजार रुपए के इनामी डकैत हरिया गुर्जर, रामलखन गैंग के श्रीनिवास, श्रीराम गुर्जर, कला जैसे कई डकैतों और उनके सहयोगियों को पकड़ चुकी हैं और उन्हें बीहड़ों के अंदर घुसने में किसी तरह की समस्या नहीं आती।

प्रीति और उनकी बहन ने इंटर कास्ट मैरिज की है, लेकिन उनकी मां हमेशा उनके सपोर्ट में खड़ी रहीं। यही वजह है कि बड़ी से बड़ी समस्या को भी प्रीति चुटकियों में हल कर देती हैं।