पप्पू यादव की पत्नी की नीतीश कुमार को धमकी- मेरे पति कोरोना पॉज़िटिव हुए तो चोरों को सीएम आवास से निकाल बीच चौराहे पर खड़ा करूंगी

रंजीत रंजन ने कहा कि जनता सब देख रही है। पप्पू यादव को मेडिकल फेसिलिटी तक नहीं मिली है। उनके बेटे सार्थक रंजन ने भी एक वीडियो पोस्ट में अपने पिता को लेकर भावुक अपील की। सरकार से पूछा कि मेरे पिता का अपराध क्या है?

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कोविड-19 महामारी के बीच बिहार में एंबुलेंस मामले को उठाने पर जन अधिकार पार्टी के नेता और बिहार से चार बार सांसद रहे राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर बवाल थम नहीं रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी और पूर्व सांसद रंजीत रंजन ने सीएम नीतीश कुमार को धमकी दी है। उन्होंने अपने फेसबुक एकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर सरकार को चेताया, “उनके पति पप्पू यादव अगर पॉज़िटिव हुए तो चोरों को सीएम आवास से निकाल बीच चौराहे पर खड़ा करूंगी।”

रंजीत रंजन ने अपने पोस्ट में लिखा, “नीतीश जी पप्पू जी कोरोना निगेटिव हैं, अगर वह पॉजिटिव हुए तो आपको, इस साजिश में शामिल चार लोगों एवं एम्बुलेंस चोरों को CM आवास से निकाल बीच चौराहे पर नहीं खड़ा किया तो मेरा नाम रंजीत रंजन नहीं। कल पूरे दिन-रात जो आपके प्रशासन ने पटना से मधेपुरा फिर वहां से वीरपुर तक पप्पू यादव जी के साथ जो ड्रामा किया है, वह देख रहे हैं। उन्हें मेडिकल फेसिलिटी अभी तक नहीं मिली है।” इस पोस्ट के अलावा उनके बेटे सार्थक रंजन ने एक वीडियो पोस्ट में अपने पिता को लेकर भावुक अपील की है। और पूछा है कि मेरे पिता का अपराध क्या है?

“https://www.facebook.com/20531316728/posts/10154009990506729/”

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार सरकार के खिलाफ विपक्ष तो हमलावर रुख बनाए हुए ही है, सीएम नीतीश कुमार के सहयोगी भी अपनी नाराजगी खुलकर व्यक्त कर रहे हैं। पप्पू यादव को कथित रूप से लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया। बाद में पुलिस ने उनको मधेपुरा के मुरलीगंज थाना कांड संख्या 9/89 के 32 साल पुराने मुकदमे में जेल भेज दिया। पूर्व सांसद ने हाल ही में कोरोना संकट के बीच धूल फांक रहीं एंबुलेंस को लेकर मुद्दा बनाते हुए भाजपा को घेरा था। पप्पू यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार उन्हें मारना चाहती है।

पप्पू यादव की गिरफ़्तारी पर नीतीश कुमार के सहयोगियों ने ही उठाया सवाल, जाप नेता ने कहा- मुझे मारना चाहते हैं

उनकी गिरफ्तारी पर पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने उनकी गिरफ्तारी पर सख्त एतराज जताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि कोई जनप्रतिनिधि अगर दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके एवज में उसे गिरफ़्तार किया जाए, ऐसी घटना मानवता के लिए खतरनाक है। ऐसे मामलों की पहले न्यायिक जांच के बाद ही कोई कारवाई होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो जन आक्रोश होना स्वाभाविक है। उधर, नीतीश सरकार के मत्स्य पशुपालन मंत्री और विकासशील इन्सान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने भी अपनी ही सरकार और प्रशासन के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही धर्म होनी चाहिए। उन्होंने पप्पू यादव की गिरफ्तारी की कार्रवाई को असंवेदनशील करार दिया।

वहीं माले के राज्य सचिव कुणाल ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि कोरोना के दौर में राज्य सरकार खुद फेल है, लेकिन जो कुछ लोग मरीजों की सेवा में उतरे हुए हैं, उन्हें भी परेशान किया जा रहा है।