पश्चिम बंगालः बीजेपी के तथागत रॉय ने अब कही फेयरवेल की बात, बोले निकाय चुनाव तक चुप बैठूंगा, जानें पूरा मामला

वरिष्ठ भाजपा नेता तथागत रॉय ने कहा है कि वो फिलहाल बंगाल भाजपा की इकाई से विदाई ले रहे हैं। रॉय बंगाल चुनाव में बीजेपी की हार के लिए स्थानीय नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं।

Tathagata Roy, bengal bjp, bengal election निकाय चुनाव तक चुप बैठूंगा- तथागत रॉय (फाइल फोटो एक्सप्रेस)

पश्चिम बंगाल में हारने के बाद बीजेपी के कई बड़े नेता या तो पार्टी छोड़ चुके हैं, या छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसी क्रम में बीजेपी के सीनियर नेता तथागत रॉय भी अब फेयरवेल की बात कह रहे हैं।

विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद से ही बंगाल भाजपा नेतृत्व को आड़े हाथों लेने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता तथागत रॉय ने शनिवार को कहा कि उन्होंने फिलहाल भाजपा की राज्य इकाई को “विदाई” देने का फैसला किया है। रॉय ने कहा कि वह बंगाल में नगरपालिका चुनाव परिणाम तक चुप बैठेंगे।

हालांकि उनके करीबी सूत्रों ने कहा है कि रॉय के “विदाई” शब्द का मतलब यह नहीं है कि वह पार्टी छोड़ रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि रॉय यह कहने की कोशिश कर रहे थे कि वह फिलहाल राज्य नेतृत्व पर हमला करना बंद कर देंगे, क्योंकि उनकी आलोचना से पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।

इस सप्ताह की शुरुआत में तथागत रॉय ने कहा था कि बंगाल में अगर भाजपा ने अपने तरीके नहीं बदले तो पार्टी विलुप्त हो जाएगी। उन्होंने ट्विटर पर कहा- “मैं लोगों से तालियां सुनने के लिए ट्विटर पर नहीं लिख रहा। मैं पार्टी को इस तथ्य से अवगत कराने के लिए ऐसा कर रहा था कि कुछ नेता महिलाओं और धन के बहकावे में आ गए। अब केवल परिणाम ही बोलेंगे। मैं नगरपालिका के परिणामों की प्रतीक्षा करूंगा। विदाई, अभी के लिए, पश्चिम बंगाल भाजपा”।

बता दें कि रॉय हार के बाद से ही स्थानीय बीजेपी नेतृत्व की तीखी आलोचना कर रहे हैं। हार के बाद स्थानीय नेतृत्व को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए रॉय ने कहा था कि कैलाश-दिलीप-शिव-अरविंद (केडीएसए) ने हमारे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नामों को कीचड़ में घसीटा है और दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का नाम बदनाम किया है।

हालांकि ये विवाद एक तरफा नहीं है। बंगाल बीजेपी के नेता दिलीप घोष भी तथागत रॉय पर इन आलोचनाओं के लिए निशाना साध चुके हैं। इन आरोपों पर जवाब देते हुए घोष ने कहा था कि अगर वो अपसेट हैं तो पार्टी छोड़ क्यों नहीं देते हैं।