पहली बार ISRO से बाहर निजी कंपनियां बनाएंगी PSLV, गौतम अडानी का Adani Group भी दौड़ में

एक वरिष्ठ अफसर ने अखबार को बताया, “पांच दावेदार थे, जिन्होंने ईओआई का जवाब दिया; तीन ने तीन हफ्ते पहले ही आरएफपी के बाद बोलियां जमा की हैं।”

Gautam Adani, Adani Group, PSLV तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

देश में पहली बार इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) से बाहर की निजी कंपनियां भी पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) बना सकेंगी। इसके कॉन्ट्रैक्ट की दौड़ में तीन संस्थाएं – दो कंसोर्टिया और एक फर्म – जिसमें अडानी के नेतृत्व वाला समूह और लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) के साथ एक अन्य शामिल हैं।

यह कॉन्ट्रैक्ट पांच लॉन्च व्हीकल्स बनाने के लिए होगा। अंग्रेजी अखबार ‘दि टाइम्स ऑफ इंडिया’ (टीओआई) को कई स्रोतों ने इस बारे में पुष्टि की कि तीन संस्थाओं ने 30 जुलाई को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) द्वारा जारी एक आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) के जवाब में अपनी बोलियां जमा की थीं।

अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) के तहत काम कर रहे एक अंतरिक्ष-पीएसयू एनएसआईएल को शुरुआत में इसरो की एक कर्मशियल (वाणिज्यिक) शाखा के रूप में माना गया था। बाद में इसे लॉन्च वाहनों के उत्पादन, उपग्रहों और अधिक के साथ अनिवार्य किया गया था।

टीओआई ने अगस्त 2019 में रिपोर्ट किया था कि एनएसआईएल ने पांच पीएसएलवी के लिए रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) की घोषणा की थी, जिस पर पांच संस्थाओं ने प्रतिक्रिया दी थी। उसी के लिए आरएफपी तब दिसंबर 2020 में जारी किया गया था।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) का एक कंसोर्टियम, दूसरा अडानी-अल्फा डिजाइन, बीईएल और बीईएमएल दो ग्रुप एंटिटी (समूह संस्थाएं) हैं, जबकि भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने एकल फर्म के रूप में बोली लगाई है। डीओएस के मुताबिक, कॉन्ट्रैक्ट न सिर्फ केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देगा, बल्कि हर साल अधिक उपग्रहों को लॉन्च करने की इसरो की क्षमता को भी बढ़ाएगा।