पाकिस्तानः लड़कियों के मदरसे पर तालिबान का झंडा, पुलिस ने रोका तो मौलवी ने दिखाए हथियार, केस दर्ज

अधिकारियों के मुताबिक, मौलाना अज़ीज़ समेत मदरसे से जुड़े कुछ लोगों ने हथियारों का प्रदर्शन भी किया। मदरसे के छात्रों और शिक्षकों ने भी पुलिस को चुनौती देते हुए धमकी दी। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में तनाव फैल गया।

काबुल में तालिबान-पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करतीं महिलाएं। फोटो- UNI (तस्वीर का उपयोग प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है)

पाकिस्तान में महिलाओं के एक मदरसे के ऊपर अफगान तालिबान के झंडे फहराए जाने के मामले में पुलिस ने एक प्रमुख कट्टरपंथी मौलवी और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पाकिस्तान के प्रमुख दैनिक समाचार पत्र डॉन ने रविवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को राजधानी इस्लामाबाद के एक महिला मदरसे जामिया हफ्सा की छत पर अफगान तालिबान के सफेद झंडे देखे गए।

इसकी सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने दंगा रोधी इकाई समेत पुलिस की एक टुकड़ी को वहां भेजा, जिसने मदरसे की घेराबंदी कर दी। मौलाना अब्दुल अज़ीज़ समेत उनके सहयोगियों के साथ-साथ मदरसे के छात्रों के खिलाफ आतंकवाद निरोधी अधिनियम (एटीए) और पाकिस्तान दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मौलाना अब्दुल अज़ीज़ इस्लामाबाद की प्रसिद्ध लाल मस्जिद के मौलवी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मौलाना अज़ीज़ ने खुले तौर पर अफगान तालिबान के नाम का इस्तेमाल कर पुलिस को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, मौलाना अज़ीज़ समेत मदरसे से जुड़े कुछ लोगों ने हथियारों का प्रदर्शन भी किया। मदरसे के छात्रों और शिक्षकों ने भी पुलिस को चुनौती देते हुए धमकी दी। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में तनाव फैल गया। गौरतलब है कि 21 अगस्त के बाद से यह तीसरी बार था, जब मदरसे पर अफगान तालिबान के झंडे फहराए गए।

इधर पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पोलियो टीकाकरण कर्मियों की टीम की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस कांस्टेबल की अज्ञात बंदूकधारियों ने रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी।कबायली कोहट जिले के धल बेज़ादी इलाके में बाइक सवार बंदूकधारियों ने कांस्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी। यह इलाका प्रांतीय राजधानी पेशावर से करीब 75 किलोमीटर दूर है।

टीकाकरण दल के सदस्य सुरक्षित बताए जाते हैं। हमले की जिम्मेदारी किसी भी समूह ने नहीं ली है। पुलिस की टीमें इलाके में पहुंच गई हैं और उन्होंने हमलावरों की तलाश के लिए घेराबंदी और खोज अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री महमूद खान ने हमले की निंदा करते हुए गुनाहगारों को पकड़ने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कायरतापूर्ण हमले अपंग बनाने वाली बीमारी को खत्म करने के उनके संकल्प को रोक नहीं सकते हैं।