पाकिस्तानी पत्रकार बोले- पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ की कार्रवाई, भाजपा प्रवक्ता ने बता दिया ‘जोकर’

पाकिस्तानी पत्रकार के इस जवाब पर एंकर ने कहा कि इस चुटकुले का मजा इस शो में बैठे तीन लोग ले सकते हैं। इसपर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी हंसते हुए कहा कि सबसे बड़ा जोकर तो यहीं बैठा हुआ है।

अफगानिस्तान में तालिबान हुकूमत आने के बाद से एक बार फिर से 2001 से पहले वाले हालात उपजने लगे हैं।(फोटो – एपी)

अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत आने के बाद से ही भारत समेत अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। 90 के दशक में तालिबान को बढ़ाने वाला पाकिस्तान भी इस बार फूंक-फूंक कर अपने कदम रख रहा है। तालिबान से जुड़े मुद्दे पर आयोजित टीवी डिबेट के दौरान जब पाकिस्तानी पत्रकार ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की तो डिबेट में ही मौजूद रहे भाजपा प्रवक्ता ने उन्हें जोकर बता दिया।

आजतक न्यूज चैनल पर आयोजित टीवी डिबेट के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप के सवाल के जवाब में भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सवाल पूछने वाले अंदाज में कहा कि पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका में कहा था कि पाकिस्तान की धरती पर 40000 आतंकवादी हैं। ओसामा बिन लादेन मारा गया तो उन्होंने कहा कि हम शर्मिंदा हैं। अब ये बताइए कि पाकिस्तान आतंकवाद के साथ खड़ा है या नहीं।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया के इस जवाब पर डिबेट में मौजूद रहे पाकिस्तानी पत्रकार ओमर अल्ताफ़ ने बीच में टोकते हुए कहा कि पाकिस्तान बिल्कुल भी आतंकवाद के साथ नहीं खड़ा है बल्कि पाकिस्तान ने तो आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पाकिस्तानी पत्रकार के इस जवाब पर एंकर अंजना ओम कश्यप ने कहा कि इस चुटकुले का मजा इस शो में बैठे तीन लोग ले सकते हैं। इसपर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी हंसते हुए कहा कि सबसे बड़ा जोकर तो यहीं बैठा हुआ है।

तालिबान शासन के बाद से ही अफगानिस्तान में एक बार फिर से 2001 से पहले वाले हालात बनने लगे हैं। तालिबानी शासन के डर की वजह से बड़ी संख्या में लोग अफगानिस्तान से बाहर निकलने की कोशिश में लगे हुए हैं. हालांकि तालिबान ने पिछले दिनों काबुल में किए गए प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं किया जाएगा और सभी के अधिकारों की रक्षा की जाएगी। साथ ही किसी के साथ भी बदले की भावना से कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन इसके बावजूद भी लोगों का विश्वास तालिबान के ऊपर नहीं बन पा रहा है।