पाकिस्तान में तालिबानी झंडे के साथ बच्चों ने गाया तरानाः बोले मेजर गौरव आर्या- क्यों बहकाते हैं? देखें- पैनलिस्ट ने क्या दिया जवाब

पैनलिस्ट कहने लगे कि तालिबान के राज में अमन है। अगर भारतीय वापिस आ पा रहे हैं तो तालिबान उनको जाने दे रहा है इसलिए वे आ पा रहे हैं।

pakistan, taliban एक पाकिस्तानी मदरसे में तालिबान के समर्थन में झंडे लहराते दिखे। (फोटो-ट्विटर)।

रिपब्लिक भारत पर डिबेट के दौरान मेजर गौरव आर्य पैनलिस्ट से पूछने लगे कि पाकिस्तान में बच्चे तालिबान के समर्थन में तराना गा रहे हैं। आपको पता है कि तालिबान ने गाने पर पाबंदी लगा दी है? तालिबान के लिए खुशी में गाओ या गम में वे मार देंगे। ये क्या हो रहा है कि पाकिस्तान का झंडा नीचे कर तालिबान का झंडा लहराया जा रहा है। बच्चों को क्यों बहकाया जा रहा है? इस पर पैनलिस्ट कहने लगे कि तालिबान के राज में अमन है। अगर भारतीय वापिस आ पा रहे हैं तो तालिबान उनको जाने दे रहा है इसलिए वे आ पा रहे हैं।

बता दें कि ब्रिटेन ने अमेरिका से गुजारिश की है कि वह काबुल से लोगों को निकालने के अभियान की समयसीमा को 31 अगस्त से आगे बढ़ाए क्योंकि बिना अमेरिका के किसी भी देश के पास अफगानिस्तान से भाग रहे लोगों की मदद करने वाले अभियान को रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन मंगलवार को ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई समूह (जी) सात के नेताओं की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन पर दबाव डाल सकते हैं।

ब्रिटेन में कुछ सैन्य अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका के अफगानिस्तान से जाने के बाद ब्रिटेन को अपने सैनिकों को काबुल हवाई अड्डे पर तैनात रखना चाहिए ताकि लोगों को निकालने के अभियान को जारी रखा जा सके। सशस्त्र बल मंत्री जेम्स हेप्पी ने सोमवार को कहा कि अमेरिका की मदद के बिना वहां से लोगों को नहीं निकाला जा सकता है, और यह कठोर वास्तविकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका को अफगानिस्तान में रुकने के लिए राजी किया जा सकता है या नहीं, इस पर जी-7 की बैठक में प्रधानमंत्री बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान के साथ समझौते को भी आगे बढ़ाने की जरूरत है।

बाइडन ने लोगों को हवाई मार्ग से निकालने के अभियान को 31 अगस्त की तारीख से बढ़ाने से इनकार नहीं किया है, लेकिन उम्मीद जताई है कि ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

गौरतलब है कि 31 अगस्त तक अमेरिका अपने सभी सैनिकों को अफगानिस्तान से वापस बुला लेगा, जहां अब तालिबान ने कब्जा कर लिया है।