पिछले करीब 40 सालों से चोरी की 500 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दे चुका शातिर धराया, फाइव स्टार होटलों में करता था हाथ की सफाई

पुलिस ने बताया कि वह देश भर के मंहगे होटलों में उन कमरों के बगल वाले कमरों में ठहरता था जहां अमीर लोग रुकते थे और उनका सामान चोरी करता था।

thief तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। सोर्स- Pixabay

देश भर में 39 साल में चोरी की 500 से ज्यादा वारदात कथित रूप से अंजाम देने वाले व्यक्ति को ओडिशा के कटक से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि हेमन दाश को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। भुवनेश्वर में चोरी की घटनाओं में संदिग्ध के रूप में उसकी पहचान हुई थी। वह लोहे की छड़ से चोरी करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार होने के बाद दाश ने जुर्म कबूल किया है।

पुलिस ने बताया कि दाश ने 1982 में चोरी करना शुरू की। उस समय वह कॉलेज में था। उन्होंने बताया कि दरअसल, छात्रों के दो समूहों के बीच संघर्ष की वजह से उसे कुछ वक्त के लिए जेल में रहना पड़ा जहां उसकी उसके ‘गुरु’ से मुलाकात हुई और फिर उसने चोरियां करना शुरू किया। पुलिस ने बताया कि वह देश भर के मंहगे होटलों में उन कमरों के बगल वाले कमरों में ठहरता था जहां अमीर लोग रुकते थे और उनका सामान चोरी करता था।

दाश ने पुलिस को बताया कि वह लोहे की छड़ से ताले और तिजोरियों को तोड़ता था। पुलिस के मुताबिक, 1982 में जेल से छूटने के बाद उसने अपने ‘गुरु’ के साथ चोरियां करना शुरू किया था, लेकिन पिछले 34 साल से वह अकेला ही चोरियां करता था। पुलिस ने बताया कि उसने चोरी के सामान से करीब पांच करोड़ रुपये हासिल किए और इस पैसे को शराब और वेश्याओं पर खर्च कर दिया।

दाश ने प्रेस वार्ता में बताया, “मैं अकेले ही काम करता था और कोलकाता से महिलाओं को लेकर दूसरे शहरों में जाता था। मैं अक्सर मुंबई, चेन्नई और अन्य शहर जाता था और मंहगे होटलों में कमरे बुक करता था।” उसने कहा कि उसका मुख्य लक्ष्य हमेशा नकद होता था न कि सोना क्योंकि उसे डर था कि कीमती सामान चोरी करने से उसकी गिरफ्तारी हो सकती है।

भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त यूएस दाश ने कहा कि भुवनेश्वर में चोरी के तीन मामलों में संदिग्ध पाए जाने के बाद वे उसपर नजर रख रहे थे। इनमें से दो घटनाओं में वह सीसीटीवी में कैद हो गया था। पुलिस ने कहा कि उसके खिलाफ सिर्फ भुवनेश्वर में 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि उसे 2018 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और रिहा होने के बाद वह घर नहीं गया जबकि उसका परिवार है।

पुलिस ने कहा कि हेमन दाश को पिछले साल फिर पकड़ा गया था और पुरी जेल भेज दिया गया था। उसे जुलाई में जेल से रिहा किया गया था, और उसके बाद भुवनेश्वर के विभिन्न क्षेत्रों से चोरी के तीन मामले सामने आए थे। उसने कहा, “मैं 59 वर्ष का हूं और अब मैं ऐसी सभी गतिविधियों से रिटायर हो गया हूं। मैं अपने सभी भाइयों से चोरी छोड़ने की अपील करता हूं। मैंने बहुत कमाया लेकिन अब कंगाल हूं।”