पीएम मोदी, योगी के पुतले जलाने पर किसान नेता समेत 8 पर FIR, उधर हरियाणा में रेल रोकने पर सैकड़ों नामजद

पुलिस ने बताया कि जिले में सोशल मीडिया पर कई वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हुए हैं। इनमें कुछ लोग मोदी और योगी आदित्यनाथ का पुतला जलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो बदायूं के गिधौल गांव का है। इसे 16 अक्टूबर को बनाया गया था।

Kisan Rail Roko Andolan हरियाणा के ने बहादुरगढ़ में रेलवे ट्रैक जाम करते प्रदर्शनकारी। Photo Source- ANI

बदायूं जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुतले जलाने के मामले में पुलिस ने किसान नेता समेत 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। भारतीय किसान यूनियन ने दशहरे पर जगह-जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुतले जलाने का ऐलान किया था।

डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक पुलिस ने बताया कि जिले में सोशल मीडिया पर कई वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हुए हैं। इनमें कुछ लोग मोदी और योगी आदित्यनाथ का पुतला जलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो बदायूं के गिधौल गांव का है। इसे 16 अक्टूबर को बनाया गया था। वीडियो में कुछ लोग उन पुतलों को जलाते और नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय किसान यूनियन का एक नेता भी शामिल है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।

उधर, हरियाणा में सोमवार को किसानों द्वारा छह घंटे तक रेल की पटरी पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए सैकड़ों अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामले दर्ज किए गए हैं। रेलवे के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि रेलवे सुरक्षा बल ने प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध मामले दर्ज किए। यह मामले रेलवे अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। खास बात है कि ज्यादातर आरोपी अज्ञात हैं।

रेलवे पुलिस का कहना है कि सोनीपत में किसान यूनियन के चार नेताओं समेत 100 से 120 प्रदर्शनकारियों पर मामले दर्ज किये गए हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर में शामिल लोग अज्ञात हैं। आरपीएफ के एक अधिकारी ने कहा कि अंबाला में भी एक मामला दर्ज किया गया है।

ध्यान रहे कि लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया था। सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के छह घंटे के रेल रोको आंदोलन के तहत हरियाणा और देश के अन्य भागों में किसानों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान कई रेलों की परिचालन ठप हो गया था, क्योंकि रेलवे ट्रैक पर किसान बैठे थे।