पुण्य प्रसून बाजपेयी ने की किसान सम्मान निधि की कफन के दाम से तुलना तो लोग करने लगे ऐसा कमेंट

बिहार में कोरोना से होतीं मौतों पर वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने किसान सम्मान निधि की तुलना कफन के दाम से करते हुए एक ट्वीट किया जिस पर यूजर्स भी जबरदस्त प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

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भारत कोरोनावायरस की त्रासदी झेल रहा है। दूसरी लहर में गांव के लोग भी संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार के गांवों में संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है जहां न टेस्टिंग की समुचित व्यवस्था है न जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। ऐसी खबरें हैं कि बिहार में लॉकडाउन से कोरोना की चेन टूट रही है और नए मामलों में कमी आ रही है। लेकिन खबरें ऐसी भी हैं कि गांवों में बिना टेस्टिंग और इलाज के लोगों की मौत हो रही है दर्ज नहीं हो रहे हैं। बिहार के गंगा नदी में कई जगहों पर शव तैरते हुए पाए गए हैं जिन्हें कोविड संक्रमितों का बताया जा रहा है। राज्य में कोरोना से होती मौतों पर वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसा है।

उन्होंने केंद्र सरकार की किसानों के लिए योजना किसान सम्मान निधि की तुलना कफन के दाम से करते हुए एक ट्वीट किया जिस पर यूजर्स भी जबरदस्त प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आपको बता दें कि हाल ही में नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आठवीं किस्त जारी की है जिसके तहत 9.5 करोड़ किसानों के खाते में 19,000 करोड़ ट्रांसफर किए जाएंगे। इस योजना के तहत हर लाभार्थी किसान को साल में 6,000 रुपए मिलते हैं। एक किस्त में किसानों को 2,000 रुपए दी जाती है।

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने इसी रकम से कफन की तुलना करते हुए ट्वीट किया, ‘किसान सम्मान निधि रकम 2000 रुपए, प्रतिदिन की रकम 16.66 रुपए। गया में थोक में सूती कफन रेट 25 रुपए, बिहार में कफन की मांग में तीन गुना इज़ाफा।’

उनके इस ट्वीट पर पंडित विवेक चौबे नाम से एक यूजर ने लिखा, ‘हमें कुछ नहीं चाहिए। बस रोक लो, गंगा में बहती लाशें, अस्पताल में रुकती सांसे।’

रवीश कुमार पैरोडी अकाउंट से ट्वीट किया गया, ‘किसान की मेहनत तो पहले ही बेच चुके हैं, अब 2000 रुपए क्या दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों को भी दिए हैं।’

वहीं कॉमन मैन नाम से एक यूजर ने पत्रकार को जवाब देते हुए कहा कि किसान सम्मान निधि आम किसानों के लिए बहुत मददगार है। उन्होंने लिखा, ‘बाजपेयी जी, भारत जैसे गरीब देश में किसान सम्मान निधि मिलना बहुत बड़ी बात है। हो सकता है आपके लिए ये तुच्छ रकम हो लेकिन आर्थिक रूप से पिछड़े ज़्यादातर किसानों को ये मदद बहुत काम करेगी और सम्मान में मिली कोई भी चीज अनमोल होती है, उसे बाजारू मूल्य से तुलना करना बेमानी है।’