पुलिस पाकिस्तान पहुंच जाती है, मोर्चों में नहीं आ पाती- सिंघु बॉर्डर मामले पर बरसे राकेश टिकैत, बोले- कोई कर्मकांड सामने आएगा

राकेश टिकैत ने सिंघु बॉर्डर मामले पर कहा कि पुलिस उस वक्त क्या कर रही थी। इसके साथ ही उन्होंने इसके लिए सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया।

TV Debate, Anchor Aaj tak किसान नेता राकेश टिकैत (फोटो सोर्स – पीटीआई)

सिंघु बॉर्डर पर बीते दिन लखबीर सिंह नाम के एक युवक की हत्या का मामला सामने आया था, जिसकी जिम्मेदारी निहंगों ने ली थी। मामले को लेकर किसान आंदोलन एक बार फिर से निशाने पर आ गया है, हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि उनका इस हत्या से कोई लेना-देना नहीं है। इस मामले को लेकर राकेश टिकैत ने आज तक को इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर का जवाब देते हुए कहा कि इसमें कर्मकांड जरूर सामने आएगा। इसके साथ ही राकेश टिकैत ने मामले को लेकर पुलिस पर भी सवाल खड़े किये।

राकेश टिकैत से सवाल करते हुए रिपोर्टर ने 26 जनवरी की घटना का जिक्र किया और पूछा, “उसमें भी निहंग सिक्खों की भूमिका थी, इसमें भी निहंग सिक्खों के होने की बात सामने आई है। लगता नहीं है कि आंदोलन को बेपटरी करने की तैयारी हो रही है?” उनका जवाब देते हुए भारतीय किसान यूनित नेता ने कहा कि कोई बेपटरी नहीं हो रहा है आंदोलन।

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने इस सिलसिले में आगे कहा, “हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं तो सरकार क्या कर रही है फिर। सरकार को इस्तीफा देना चाहिए ना, कौन सी घटना कैसे होती है, संगठन या सरकार उसकी जिम्मेदारी नहीं ले सकता। घटना है वो एक अलग विषय है। हमारे सैनिक बॉर्डर पर रोज शहीद हो रहे हैं, सरकार को इस्तीफा देना चाहिए।”

राकेश टिकैत ने अपने बयान में आगे कहा, “पुलिस भी तो वहीं पर ही मौजूद थी। हरियाणा पुलिस भी मौजूद थी, एलआईयू के लोग वहां क्या कर रहे थे? रात को वे चारों तरफ रहते हैं, क्या कर रहे थे वह उस वक्त।” उनकी बात पर रिपोर्टर ने सवाल किया, “क्या आप सुरक्षा में चूक मानते हैं?” उनकी बात पर राकेश टिकैत ने कहा, “क्यों नहीं मानते चूक।”

राकेश टिकैत ने इस बारे में आगे कहा, “कोई बाहरी आदमी आकर देश पर हमला कर देगा तो पुलिस क्या करेगी? एक मिनट की घटना तो है नहीं, इसमें भी वक्त लगा होगा।” किसान नेता की बात पर रिपोर्टर ने कहा, “पुलिस का कहना है कि मोर्चों ने आगे नहीं जाने दिया।” उनकी बात पर राकेश टिकैत ने कहा, “पाकिस्तान के लिए तो कहते हैं कि हम चले जाते हैं, मोर्चों में कोई नहीं आने दे रहा उन्हें?”

राकेश टिकैत ने अपने बयान में आगे कहा, “मैं आपको मोर्चों में पुलिस को लेटे, ताश खेलते हुए दिखाऊं। इसमें कोई न कोई कर्मकांड जरूर सामने आएगा। भेजा गया था उसको कि धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी करो और आपस में हिंदू और सिक्ख हों।” वहीं जब पूछा गया कि कौन भेज सकता है तो राकेश टिकैत ने कहा, “सरकार भेजेगी और कौन भेजेगा।”