पैसे नहीं मिले तो क्या, मुझे बस फ़िल्में चाहिए- जब प्रोड्यूसर्स को इस शर्त के कारण पूरी कमाई देने को तैयार हो गए थे धर्मेंद्र

जब धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा जगत में आए तो उनके अंदर फ़िल्में पाने की ललक इतनी थी कि उन्होंने निर्माताओं की शर्तों पर काम करना शुरू कर दिया।

dharmendra, arjun hingorani, dharmendra career धर्मेंद्र ने शुरुआती करियर में बिना पैसों की परवाह किए काम किया था (Photo-Indian Express Archive)

हिंदी सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र बॉलीवुड में अब भी सक्रिय हैं। जल्द ही उन्हें उनके बेटों सनी देओल और बबॉबी देओल के साथ फिल्म ‘अपने 2’ में देखा जा सकेगा। धर्मेंद्र ने बॉलीवुड में एक टैलेंट हंट प्रतियोगिता के माध्यम से प्रवेश किया था। उन्हें एक्टिंग का बहुत शौक था और जब वो हिंदी सिनेमा जगत में आए तो उनके अंदर फ़िल्में पाने की ललक इतनी थी कि उन्होंने निर्माताओं की शर्तों पर काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने जब एक्टिंग प्रतियोगिता जीत लिया तब गुरुदत्त, विमल रॉय जैसे बड़े निर्माताओं ने उन्हें अपनी फिल्म में साइन किया।

लेकिन इन फिल्मों को शुरू होने में वक़्त लग रहा था। इधर धर्मेंद्र एक्टिंग करने को बेताब थे। इसी बीच उन्हें उनकी पहली फिल्म मिली ‘दिल भी तेरा, हम भी तेरे।’ इस फिल्म को अर्जुन हिंगोरानी, जो धर्मेंद्र के दोस्त बन गए थे, निर्देशित रहे थे और बिहारी मसंद इसके निर्माता थे। धर्मेंद्र को ये फिल्म तो मिली लेकिन निर्माता ने शर्त ये रखी कि उन्हें इस फिल्म के लिए उनकी पूरी कमाई का 60 प्रतिशत ही मिलेगा और वो बिना इजाजत किसी और की फिल्म साइन नहीं कर सकते।

धर्मेंद्र से कहा गया कि अगर फिर भी वो किसी अन्य निर्माता की फिल्म करते हैं तो उन्हें उस फिल्म से होने वाली कमाई का 50 प्रतिशत निर्माता को देना होगा। धर्मेंद्र ने बिना पैसों की परवाह किए इस मुश्किल शर्त को स्वीकार लिया और फिल्म की शूटिंग करने लगे।

इसी बीच निर्देशक रमेश सहगल ने अपनी फिल्म, ‘शोला और शबनम’ के लिए धर्मेंद्र को अप्रोच किया। धर्मेंद्र इस बड़े ऑफर को सुनकर बड़े खुश हुए लेकिन यहां भी उन्हें उसी शर्त का सामना करना पड़ा। अनु कपूर ने अपने रेडियो शो, ‘सुहाना सफ़र विद अनु कपूर’ में बताया था कि जब धर्मेंद्र ने अपने दोस्त अर्जुन हिंगोरानी से इस बात का ज़िक्र किया तो वो चौंक गए।

उन्होंने धर्मेंद्र को बिहारी मसंद के शर्त की याद दिलाते हुए पूछा था, ‘तुम दूसरी फिल्म कर रहे हो? इसका अंजाम जानते हो?’ जवाब में धर्मेंद्र ने कहा था, ‘अंजाम क्या होना है। दोनों को कमाई का आधा आधा हिस्सा दे दूंगा।’ जब उनसे कहा गया कि उनके पास भी तो कुछ पैसे बचने चाहिए तब धर्मेंद्र ने कहा था, ‘मुझे तो बस फिल्मों में काम करना है, पैसे नहीं बचे तो भी क्या हुआ। फिल्म तो बनकर रिलीज़ हो जाएगी।’

धर्मेंद्र ने बिना पैसों की परवाह करते हुए फ़िल्में की और उनकी पहली फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ साल 1960 में रिलीज़ हुई। शोला और शबनम इसके अगले ही साल आई थी। धर्मेंद्र के शुरुआती करियर को आयाम देने में अभिनेत्री मीना कुमारी का बड़ा हाथ रहा। धर्मेंद्र ने मीना कुमारी के साथ करीब 7 फिल्मों में काम किया और सबका प्रदर्शन अच्छा रहा। मीना कुमारी उन दिनों बड़ी स्टार थीं लेकिन उन्होंने धर्मेंद्र जैसे न्यूकमर के साथ काम करना पसंद किया। धर्मेंद्र को इससे बहुत लाभ भी मिला था।