पैसों की जरूरत है तो मुझसे ले लो, ऐसे छोटे रोल मत करो- जब शशि कपूर ने फ़िल्म से हटवा दिए अमिताभ बच्चन के सभी सीन

अमिताभ बच्चन शशि कपूर की फ़िल्म, ‘बॉम्बे टॉकी’ में एक फ्यूनरल सीन की शूटिंग के दौरान भीड़ का हिस्सा बने थे जिसके उन्हें 500 रुपए मिलने वाले थे।

shashi kapoor, amitabh bachchan, amitabh bachchan struggle शशि कपूर ने शुरू में अमिताभ की काफी मदद की थी (Photos- Indian Express Archive)

अमिताभ बच्चन जब शुरू में काम की तलाश में मुंबई आए थे तब दिवंगत अभिनेता शशि कपूर ने उनकी काफ़ी मदद की थी। उन्होंने अमिताभ बच्चन से कहा था कि वो हीरो बनने के लिए मुंबई आए हैं, फ़िल्मों में छोटे रोल न करें। दरअसल अमिताभ शशि कपूर की फ़िल्म, ‘बॉम्बे टॉकी’ में एक फ्यूनरल सीन की शूटिंग के दौरान भीड़ का हिस्सा बने थे जिसके उन्हें 500 रुपए मिलने वाले थे।

इस किस्से का जिक्र अभिनेता अनु कपूर ने अपने रेडियो शो, ‘सुहाना सफ़र विद अनु कपूर’ में किया था। उन्होंने बताया था कि शशि कपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर और अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन के बीच दोस्ती थी। इसी कारण अमिताभ और शशि भी एक दूसरे को जानने लगे थे।

उन दिनों शशि कपूर स्माइल मर्चेंट की फिल्म, ‘बॉम्बे टॉकी’ में काम कर रहे थे। एक फ्यूनरल के सीन में भीड़ की जरूरत थी। फिल्मों में काम के लिए संघर्ष कर रहे अमिताभ बच्चन को किसी दोस्त के जरिए ये बात पता चली तो वो पैसों के लिए उस भीड़ का हिस्सा बनने चले गए।

जब शूट के दौरान शशि कपूर ने अमिताभ को देखा तो उन्हें बुलाकर डांट दिया। उन्होंने अमिताभ को समझाया कि वो हीरो बनने के लिए मुंबई आए हैं, इस तरह के छोटे रोल उनके करियर के लिए सही नहीं हैं।

अमिताभ बच्चन ने शशि कपूर को अपनी आर्थिक तंगी के बारे में बताया जिसके बाद शशि कपूर ने कहा था कि पैसे मुझसे ले लो लेकिन ऐसे रोल मत करो। लेकिन अमिताभ ने उनसे पैसे नहीं लिए और शूट पूरी की। शूटिंग के बाद उन्हें 500 रुपए मिले।

शशि कपूर ने तब फ़िल्म के डायरेक्टर से कहा कि अमिताभ का कोई भी शॉट फ़िल्म में दिखना नहीं चाहिए। शशि कपूर की बात मानते हुए डायरेक्टर ने फिल्म से अमिताभ बच्चन का शॉट हटा दिया था।

अमिताभ बच्चन को पहला बड़ा ब्रेक साल 1969 में फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ के रूप में मिला। इस फिल्म के लिए उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार तो जीता लेकिन फिर भी उनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ। इसके दो सालों बाद उन्हें उनका अगला प्रोजेक्ट मिला था। अमिताभ को राजेश खन्ना के साथ फ़िल्म, ‘आनंद’ से लोकप्रियता मिली। फिल्म जंजीर ने उन्हें उस दौर का एंग्री यंग मैन बना दिया और वो लोकप्रिय होते चले गए।