प्रशांत किशोर इस फॉर्मूले पर करते हैं काम, तेज-तर्रार युवाओं को लेकर चलते हैं साथ

प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वे टारगेट लेकर चलते हैं कि कम से कम 45 प्रतिशत वोट उनके पास आए।

prashant kishor, pk, india news रणनीतिकार प्रशांत क‍िशोर। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः ताशी तोबग्याल)

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को राजनीति के जानकार आज के समय का चाणक्य तक करार दे देते हैं। प्रशांत किशोर की टीम में अधिकतर युवा होते हैं जो कि चुनावी अभियानों के लिए IPAC, प्रशांत किशोर की कंपनी, के लिए काम करते हैं। प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वे टारगेट लेकर चलते हैं कि कम से कम 45 प्रतिशत वोट उनके पास आए। उन्होंने कहा था, ‘बतौर एक राजनीतिक दल एक पार्टी को देखना चाहिए कि कौन आपके लिए वोट करेगा और कौन नहीं करेगा।’

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बताया था कि कोई भी पार्टी जो सत्ता में 10 साल से ज्यादा वक्त रहती है उसके खिलाफ जाहिर तौर पर सत्ता विरोधी लहर काम करती है। उन्होंने बताया कि वे पता लगाने की कोशिश करते हैं कि सत्ता विरोधी लहर किस नेता के खिलाफ है और कितनी है। उन्होंने कहा था, ‘हम पता लगाने की कोशिश करते हैं कि सत्ता विरोधी लहर स्थानीय नेताओं के खिलाफ है या शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ है।’ प्रशांत किशोर ने मिसाल देते हुए कहा था कि जिस तरह से बिहार में महिलाओं के बीच नीतीश कुमार लोकप्रिय हैं उससे भी कहीं ज्यादा बंगाल में औरतों के बीच ममता बनर्जी लोकप्रिय हैं।

प्रशांत किशोर ने बताया था कि वे अपने किसी भी प्रतिद्वंदी को कमतर नहीं आंकते हैं। उन्होंने कहा, ‘अपने विपक्षी को कमतर नहीं आंकना उसका फैन होना नहीं है।’ उन्होंने कहा था, ‘कई बार लोग हमारे काम को ओवररेट करके बताते हैं। हम किसी को चुनाव जिताने और हराने वाले नहीं हैं।’

प्रशांत किशोर ने कहा था कि उन्हें यह मानने में कोई समस्या नहीं है कि वे राजनीति में बुरी तरह फेल हो गए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि वे राजनीति में फिर से एंट्री करेंगे। लेकिन ये साफ नहीं किया कि वे किस पार्टी में शामिल होंगे।

मालूम हो कि हाल ही में प्रशांत किशोर ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रमुख सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, ऐसी खबरें भी हैं कि कांग्रेस पार्टी प्रशांत किशोर को अपने साथ लेना चाहती है। इसको लेकर उनकी राहुल गांधी और अन्य नेताओं के साथ कई बार बैठक भी हो चुकी है। राहुल गांधी ने संकेत दिया है कि प्रशांत किशोर की भूमिका को लेकर जल्द फैसला किया जाएगा। फिलहाल इस बारे में पार्टी के अंदर मंथन हो रहा है कि उनको लेने से कितना नफा-नुकसान होगा।