प्राइवेट ट्रेन चलाने की कोशिशों को बड़ा झटका: रेलवे ने 151 ट्रेनों के लिए मंगाए टेंडर पर रोक लगाई, 30 हजार करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद थी

रेल मंत्रालय ने देश के कुल 109 रूट्स पर 151 प्राइवेट ट्रेनें चलाने की योजना बनाई थी। इसके लिए पिछले साल औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रारंभिक चरण में कुल 15 कंपनियों ने प्राइवेट ट्रेनें चलाने के लिए 120 आवेदन जमा किए थे। लेकिन फाइनेंशियल बिड केवल दो कंपनियों ने जमा की है। प्राइवेट कंपनियों की इस बेरुखी के कारण ही रेल मंत्रालय ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाई है।

Indian Railway, Indian Rail कोरोना महामारी के कारण अभी सभी ट्रेनों का संचालन नहीं हो रहा है। तस्वीर केवल प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई है

भारतीय रेलवे की प्राइवेट ट्रेनों के संचालन की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। रेल मंत्रालय ने 109 रूट्स पर 151 प्राइवेट ट्रेनें चलाने के लिए मंगाए गए टेंडर पर रोक लगा दी है। निजी क्षेत्र की ओर से प्राइवेट ट्रेनें चलाने में ज्यादा रूचि ना लेने के कारण मंत्रालय ने यह फैसला लिया है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्राइवेट ट्रेनों के लिए मंगाए गए टेंडर को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। अब पूरी प्रक्रिया दोबारा से की जाएगी। अधिकारी के मुताबिक, प्राइवेट कंपनियों की कम भागीदारी के कारण मंत्रालय ने यह फैसला किया है। अब इसके लिए नया टेंडर जारी किया जाएगा। रेलवे ने कुल 12 कलस्टर में प्राइवेट ट्रेनें चलाने के लिए टेंडर मंगाए थे। इसमें से केवल 3 कलस्टर के लिए टेंडर जमा हुए हैं।

केवल दो कंपनियों ने जमा किए टेंडर: भारतीय रेलवे ने 1 जुलाई 2020 को 109 रेल रूट्स पर प्राइवेट ट्रेनें चलाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की थी। यह पहला मौका था जब सरकार के प्रमुख एंटरप्राइजेज ने प्राइवेट ट्रेनें चलाने की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, इसमें केवल दो कंपनियों ने ही टेंडर जमा किए। इसमें भारतीय रेलवे की सब्सिडियरी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) और मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर ने फाइनेंशियल निविदा जमा की थी।

70 फीसदी रैक का निर्माण भारत में होना था: रेलवे के प्लान के मुताबिक, इस योजना में करीब 30 फीसदी के निवेश और 70 फीसद रैक का भारत में निर्माण होने का अनुमान था। योजना के तहत ट्रेनों की फाइनेंसिंग, खरीदारी, संचालन और रखरखाव प्राइवेट कंपनियों को ही करना था। प्राइवेट कंपनियों को 35 साल के लिए ट्रेनों की संचालन की मंजूरी दी जानी थी।

चरणबद्ध तरीके से होनी थी प्राइवेट ट्रेनों की लॉन्चिंग: पिछले साल भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क पर प्राइवेट ट्रेनों की चरणबद्ध तरीके से लॉन्चिंग की घोषणा की थी। इसके तहत वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 1 दर्जन ट्रेनें चलाई जानी थीं। जबकि सभी 151 ट्रेनों को 2027 तक चलाया जाना था। मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में 12, वित्त वर्ष 2024-25 में 45, वित्त वर्ष 2025-26 में 50 और वित्त वर्ष 2026-27 में 44 प्राइवेट ट्रेनें चलाई जानी थीं।

इन कलस्टर्स में चलाई जानी थी प्राइवेट ट्रेनें: मंत्रालय की योजना देश के 12 कलस्टर में भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर प्राइवेट ट्रेनें चलाने की थी। इसमें दिल्ली और मुंबई के दो-दो कलस्टर शामिल थे। इसके अलावा सिकंदराबाद, चेन्नई, हावड़ा, जयपुर, प्रयागराज, चंडीगढ़, बेंगलुरु और पटना में एक-एक कलस्टर में प्राइवेट ट्रेनें चलाई जानी थी। पिछले साल अक्टूबर में भारतीय रेलवे को प्राइवेट ट्रेनें चलाने के लिए 15 कंपनियों से 120 आवेदन मिले थे।