प्रियंका की गिरफ्तारी को बीजेपी ने बताया इवेंट मैनेजमेंट, रागिनी ने दिखाया आइना तो डिबेट में हुई भिड़ंत

न्यूज चैनल आज तक के शो दंगल में जब इस मुद्दे पर डिबेट हुई तो बीजेपी प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी और कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक के बीच तीखी झड़प हो गई।

Lakhimpur Kheri कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को बीजेपी ने इवेंट मैनेजमेंट करार दिया है। जिसको लेकर कांग्रेस नेता भड़के हुए हैं। (फोटो सोर्स- अशोक पंडित ट्वीट)

यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर देशभर की राजनीति गरमाई हुई है। कांग्रेस पार्टी लगातार योगी सरकार पर हमले बोल रही है। इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी को बीजेपी ने इवेंट मैनेजमेंट करार दिया है। जिसको लेकर कांग्रेस नेता भड़के हुए हैं।

न्यूज चैनल आज तक के शो दंगल में जब इस मुद्दे पर डिबेट हुई तो बीजेपी प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी और कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक के बीच तीखी झड़प हो गई।

कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि अपने गिरेबान में झांक कर देखिए, खाली टनल में हाथ हिलाना, मोर को दाना चुगाते हुए फोटो खिंचाना और अपनी मां के पैर छूने के लिए 50 फोटोग्राफर को साथ लेकर जाना इवेंट मैनेजमेंट कहते हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जब नकली सफाई अभियान में झाड़ू लगा रहे थे, तो जनता ने कहा था कि गांधी जी के चश्मे को नहीं बल्कि उनके नजरिए को अपनाइए। रागिनी पीएम मोदी पर निशाना साध रही थीं।

इस डिबेट में जेडीयू महासचिव केसी त्यागी भी मौजूद थे। उन्होंने भी ये बात कही कि जो भाषा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की है, वह एक राजनेता की भाषा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस का पक्ष नहीं ले रहा। चुनाव है वो तो आएंगे ही लेकिन आप उन्हें ऐसा मौका क्यों दे रहे हैं।

त्यागी ने कहा कि मैं कांग्रेस के शासन काल में 19 महीने जेल रहा और 22 बार जेल गया। मुझे उनके साथ मत मिलाइए। मैं तो बस सुझाव दे रहा हूं कि मोदी सरकार के मंत्री के बयान से पीएम मोदी और सीएम योगी की छवि खराब हो रही है। उन्होंने कहा कि ये भाषा किसी जन प्रतिनिधि की नहीं है। बता दें कि त्यागी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की उस भाषा पर सवाल उठा रहे थे, जिसके बाद लखीमपुर में माहौल बिगड़ गया।

डिबेट में बीजेपी का पक्ष रख रहे शलभ मणि त्रिपाठी ने केसी त्यागी के बयान पर कहा कि हम आपका सम्मान करते हैं, आप हमारे बड़े हैं, लेकिन इस महाभारत में ऐसी भाषा मत बोलिए कि कौरव मजबूत हो जाएं। शलभ मणि त्रिपाठी ने यहां पर कांग्रेस की तुलना कौरवों से की।