पड़ोसी देश के हालात बताते हैं CAA की जरुरत, अफगानिस्तान संकट का जिक्र कर बोले केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

अफगान नागरिकों को भारत लाए जाने पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पड़ोसी देश के हालात बताते हैं कि क्यों भारत को सीएए कानून की जरूरत है।

रविवार को अलग-अलग 3 फ्लाइट से अफगानिस्तान से करीब 300 लोगों को भारत लाया गया। (फोटो – पीटीआई)

अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत आने के बाद से ही बड़ी संख्या में अफगानी नागरिक वहां से निकलने का प्रयास कर रहे हैं। रविवार को बड़ी संख्या में अफगान नागरिकों को भारत लाया गया। इनमें अल्पसंख्यक हिंदू और सिख शामिल थे। अफगान नागरिकों को भारत लाए जाने पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पड़ोसी देश के हालात बताते हैं कि क्यों भारत को सीएए कानून की जरूरत है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने ट्विटर अकाउंट से इंडियन एक्सप्रेस में अफगानिस्तान से भारत लाए लोगों की छपी खबर को शेयर किया। इस खबर को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि हमारे अस्थिर पड़ोसी देशों में हो रहे घटनाक्रम और जिस तरह से वहां के सिख और हिंदू बुरे वक्त से गुजर रहे हैं, वह यह बताने के लिए काफी है कि आखिर नागरिकता संशोधन कानून की क्यों जरूरत है।

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून में पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रस्ताव है। इन कानूनों के अनुसार अल्पसंख्यकों में हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी, सिख और ईसाई शामिल हैं। नागरिकता संशोधन कानून के अनुसार पड़ोसी देशों से आए वे अल्पसंख्यक जो पिछले छह साल से भारत में रह रहे हैं, उन्हें नागरिकता दिए जाने का प्रस्ताव है। पहले यह सीमा 11 साल थी।

रविवार को दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर अलग-अलग 3 फ्लाइट से अफगानिस्तान से करीब 300 लोगों को भारत लाया गया। वहीं काबुल से 168 यात्रियों को लेकर वायुसेना का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर पहुंचा। इन यात्रियों में 24 अफगान सिख शामिल हैं। अफगान यात्रियों में दो सांसद भी शामिल हैं। भारत आए अफगान सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी से अफगानिस्तान में फंसे करीब 280 सिखों को वहां से निकालने के लिए गुहार भी लगाई है।

भारत के अलावा कई और देशों ने भी अफगानिस्तान से बाहर जाने की इच्छा रखने वाले लोगों अपने यहां शरण देने की बात कही है। अमेरिका अब तक करीब 22 हजार लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकाल चुका है। 14 अगस्त के बाद से करीब 17 हजार लोग अफगानिस्तान से निकालकर अमेरिका पहुंचाए गए हैं। इनमें अमेरिकी नागरिकों के अलवा बड़ी संख्या में अफगानी नागरिक भी शामिल हैं।