फीफा को हल्के में न लें, जल्द चुनाव नहीं कराए तो बैठ जाएगा भारतीय फुटबॉल का भट्ठा, पूर्व अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने चेताया

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने फीफा के प्रतिबंध के डर को लेकर कहा कि वह फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और महासचिव फातमा समौरा से बात करेंगे। उनसे इस तरह की कड़ी कार्रवाई न करने का अनुरोध करेंगे।

प्रतिकात्मक तस्वीर।

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने फीफा के प्रतिबंध के डर को लेकर कहा कि वह फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और महासचिव फातमा समौरा से बात करेंगे। उनसे इस तरह की कड़ी कार्रवाई न करने का अनुरोध करेंगे। पटेल ने यह भी कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासकों की समिति (CoA) से चुनाव प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहेंगे। उन्होंने कहा कि ‘इस मामले को खींचने से भारतीय फुटबॉल का ‘भट्ठा’ बैठ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को चुनाव कराने के लिए एआईएफएफ के संविधान को अंतिम रूप देने में गतिरोध के कारण संगठन के रोजमर्रा का काम चलाने के लिए प्रशासकों की एक समिति (सीओए) का गठन किया है। इसके साथ ही प्रफुल पटेल का अध्यक्ष पद का कार्यकाल समाप्त हो गया। कोर्ट ने के पूर्व जस्टिस ए आर दवे की अध्यक्षता में एआईएफएफ के मामलों का प्रबंधन करने और राष्ट्रीय खेल संहिता और मानक दिशानिर्देशों के अनुरूप इसके संविधान को अपनाने के लिए तीन सदस्यीय प्रशासकों की समिति (सीओए) की नियुक्ति की। दवे के अलावा सीओए में डॉ एस .वाई. कुरैशी (पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त) और भास्कर गांगुली (भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान) भी है। 

पटेल ने कहा कि एआईएफएफ के वकीलों ने अदालत को बताया कि यह तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप माना जा सकता है। इससे फीफा के नियमों का उल्लंघन होगा और भारत का निलंबन हो सकता है। पटेन ने कहा, “सभी संभावित परिदृश्यों की जानकारी दी गई और उसके बाद अदालत को फैसला लेना था। शुक्रवार को फीफा से एक फोन आया था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर जानकारी मांगी गई, क्योंकि वे इसका अध्ययन करना चाहते थे।”

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पटेल ने कहा कि फीफा के नियमों के अनुसार इसकी कांग्रेस परिषद के अनुरोध पर किसी सदस्य संघ को निलंबित किया जा सकता है। हालांकि, सर्व-शक्तिशाली फीफा परिषद कांग्रेस में वोट के बिना तत्काल प्रभाव से भी किसी संघ को अस्थायी रूप से निलंबित कर सकती है। फीफा के निलंबन का प्रभाव बहुत बड़ा हो सकता है। इससे भारत को एशियाई कप क्वालीफायर से बाहर किया जा सकता है, जो 8 जून को कोलकाता में शुरू होने वाले हैं। देश अंडर -17 महिला विश्व कप की मेजबानी के अधिकार भी खो सकता है। इस साल अक्टूबर में होने वाले भारतीय क्लबों को महाद्वीपीय टूर्नामेंटों में प्रतिस्पर्धा करने से रोक दिया जाएगा। इसके अलावा वे अपने रोस्टर में पहले से मौजूद खिलाड़ियों के अलावा अन्य विदेशी खिलाड़ियों को भी साइन नहीं कर पाएंगे।

पटेल ने कहा कि वह एक परिषद सदस्य के रूप में अपने पद का उपयोग अपने सहयोगियों से चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने के लिए देश को जुलाई के अंत तक देने का अनुरोध करने के लिए करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं पहले से कोई अनुमान नहीं लगाना चाहता। फीफा एक सरकार की तरह है, यह सिस्टम से चलता है। आपने देखा है कि फीफा किस तरह से कड़ा रुख अपनाता है। उन्होंने प्रमुख फुटबॉल देशों को निलंबित कर दिया है।