फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी इलेक्शन में ओवर फंडिंग के दोषी करार

पेरिस. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को 2012 में रि-इलेक्शन लड़ने के असफल प्रयास के लिए गैरकानूनी फंडिंग का दोषी पाया गया. निकोलस सरकोजी (Nicolas Sarkozy) पर 2012 में आरोप लगे थे कि उन्होंने चुनाव (Election) में मंजूर की गई राशि से ज्यादा खर्च किया था. इस कथित घोटाले ने उनकी कंजर्वेटिव पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थीं.सरकोजी 2007 से 2012 तक फ्रांस के राष्ट्रपति रह चुके हैं.

सरकोजी पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में मंजूर की गई राशि 2.75 करोड़ डॉलर (करीब 200 करोड़ रुपए) की दोगुनी राशि खर्च की थी. हालांकि चुनाव में उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वी फ्रांस्वा ओलांद से हार का सामना करना पड़ा था. बता दें कि सरकोजी ने इन आरोपों का खंडन किया है.

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सरकोजी के खिलाफ इस मुकदमे की सुनवाई मार्च में निर्धारित थी, लेकिन कोरोना वायरस और एक वकील के अस्पताल में भर्ती होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. दोषी पाए जाने के बाद सरकोजी को एक साल जेल की सजा हो सकती है. इसके अलावा उन्हें 4,580 डॉलर (करीब 3,34,000 रुपए) का जुर्माना भी देना पड़ सकता है.

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बता दें कि फ्रांस में 1990 के बाद से चुनाव अभियान खर्च को सीमित कर दिया गया था क्योंकि उससे पहले यहां एक के बाद एक कई भ्रष्टाचार के मामले सामने आए थे. सरकोजी पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने चुनावी रैलियों पर निर्धारित राशि से काफी ज्यादा पैसा खर्च किया था. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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