बंगालः चुनाव से पहले ममता सरकार का प्लस प्वॉइंट, लगभग साल भर में कोरोना से नहीं गई 1 भी जान

ममता बनर्जी ने वैक्सिनेशन अभियान के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी थी। बंगाल के लोगों को मुफ्त में कोविड-19 टीका लगवाने के लिए ममता ने बीते सप्ताह पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मदद का अनुरोध किया था।

mamata banerjee

बंगाल चुनाव से ऐन पहले ममता सरकार के लिए कोरोना के मोर्चे पर राहत की खबर है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि बंगाल में लगभग साल भर में कोरोना से 1 भी जान नहीं गई। ममता सरकार के लिए यह खबर एक प्लस प्वॉइंट भी है, क्योंकि सूबे में चुनाव प्रचार को लेकर जमकर मार-काट मची है। ममता कोरोना के मामले में सरकार की नीतियों को जमकर भुना भी सकती हैं।

इससे पहले ममता बनर्जी ने वैक्सिनेशन अभियान के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी थी। असेंबली चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल के लोगों को मुफ्त में कोविड-19 टीका लगवाने के लिए ममता ने बीते सप्ताह पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर मदद का अनुरोध किया था। ममता का कहना था कि वह अपने राज्य के लोगों को मुफ्त में वैक्सीन देना चाहती हैं। हालांकि, तब उनके पत्र की टाइमिंग को लेकर सियासी सवाल भी जमकर दागे गए थे।

मोदी के लिखे पत्र में ममता ने कहा कि सभी संबंधित लोगों के लिए त्वरित टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जाने की आवश्यकता है। बंगाल सरकार का आपसे आग्रह है कि इस संबंध में त्वरित कदम उठाएं, जिससे राज्य सरकार जल्दी से जल्दी टीका खरीद सके। ममता ने अपने पत्र में लिखा था कि पश्चिम बंगाल सरकार सभी लोगों को मुफ्त में टीका देना चाहती है। इसके लिए केंद्र को बंगाल सरकार की मदद करनी चाहिए।

उधर, बीजेपी के नेताओं ने ममता के इस पत्र को लेकर सवाल दागे थे। उनका कहना था कि सीएम बेवजह कोरोना वैक्सीन को मुद्दा बना रही हैं। बीजेपी का कहना था कि ममता सरकार की गलत नीतियों की वजह से कोरोना संकट में बंगाल के लोग परेशानियों से दो-चार होते रहे। अब चुनाव का समय आया है तो वह मुफ्त में टीका देने की बात कह रही हैं। बीजेपी का कहना था कि केंद्र ने जो नीति सारे देश के लिए बनाई वो बंगाल में लागू होगी।

गौरतलब है कि बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। राज्य में फरवरी के आखिर तक कम से कम 8 लाख स्वास्थ्य व अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मियों को टीका लगाया जा चुका है। सरकार ने 1 मार्च से कोरोना टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है। इसमें 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। केंद्र के अनुसार ऐसे लोगों की संख्या 10 करोड़ से भी अधिक है।