बंगाल के बाद अब यूपी के पीएम..- पीएम मोदी पर पुण्य प्रसून बाजपेयी ने किया तंज़, लोग देने लगे ऐसी प्रतिक्रिया

अगले साल उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव होने हैं जिसे लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज है। पुण्य प्रसून बाजपेयी ने इसी मुद्दे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है।

PM Narendra Modi (Photo: ANI)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के सभी बड़े नेताओं ने जमकर रैलियां की थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में 18 विशाल रैलियों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री जिस तरीक़े से महीनों चुनाव प्रचार में जुटे रहे उसे लेकर कुछ लोगों ने उनकी आलोचना भी की। कोविड महामारी देश में पैर पसार रही थी और उसी बीच केंद्रीय नेतृत्व बंगाल चुनावों में व्यस्त था, इसे लेकर भी पीएम को काफी आलोचना झेलनी पड़ी। अब अगले साल उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव होने हैं जिसे लेकर राजनीतिक हलचल अभी से तेज है। वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने इसी मुद्दे को लेकर पीएम पर तंज कसा है।

उन्होंने कहा है कि अब कुछ महीनों के लिए प्रधानमंत्री यूपी के प्रधानमंत्री होंगे। बाजपेयी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, ‘तो कुछ महीनों के लिए बंगाल के बाद अब यूपी के पीएम..।’ उनके इस ट्वीट पर ट्विटर यूजर्स की भी ढेरों प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। गुस्ताखी माफ नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘कुछ भी कर लो, योगी का जाना 100 प्रतिशत तय है चुनाव के पहले या चुनाव के बाद में।’

आपको बता दें कि कोविड महामारी से निपटने को लेकर यूपी के योगी आदित्यनाथ सरकार की खूब आलोचना हुई है और बताया जा रहा है कि कुछ विधायक भी योगी आदित्यनाथ से नाराज़ चल रहे थे जिसे लेकर केंद्र और योगी आदित्यनाथ के बीच बैठकों का दौर महीनों से जारी था। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की भी अटकलें थीं हालांकि बीजेपी की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि अगला चुनाव योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

बहरहाल, उत्तर प्रदेश चुनावों के मद्देनजर बाजपेयी के ट्वीट पर और लोगों की भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। रवीश कुमार पैरोडी अकाउंट से ट्वीट किया गया, ‘बिल्कुल, अब पीएम सिर्फ यूपी के हैं जब तक चुनाव होंगे।’

श्रद्धा तिवारी नाम की एक ट्विटर यूजर ने पत्रकार को जवाब दिया, ‘देखना दिलचस्प होगा कि यूपी का चुनाव योगी जी अपने दम पर लड़ेंगे या एक बार फिर मोदी जी की छवि पर। यदि काम पर लड़ेंगे तो मुश्किल होगा लेकिन सम्मान बना रहेगा। यदि मोदी जी की छवि पर लड़ेंगे तो समझा जाएगा कि उन्होंने कुछ काम नहीं किया।’

धन सिंह मीना नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘पहले गंगा मैया ने बुलाया है अब किसका नाम लेंगे?’ दिलचंद जांगिड़ लिखते हैं, ‘और इनका काम ही क्या है। एक के बाद एक राज्यों का चुनाव निपटाना। देश का काम तो भगवान भरोसे।’