बंगाल: सीएम ममता को ‘भगवा झटका’, BJP में शामिल हुए TMC नेता और पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी

जितेंद्र तिवारी की गिनती कोयलांचल के प्रमुख हिंदी भाषी तृणमूल नेताओं में होती थी।

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बंगाल विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है। हालाँकि पहले ही तृणमूल के कई बड़े और कद्दावर नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। अब आसनसोल के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी भी पार्टी का साथ छोड़ कर भगवा दल में शामिल हो गए हैं। जितेंद्र तिवारी के जाने से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तो तगड़ा झटका मिला है। जितेंद्र तिवारी की गिनती कोयलांचल के प्रमुख हिंदी भाषी तृणमूल नेताओं में होती थी। ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले भी जितेंद्र तिवारी ने भाजपा में शामिल होने की बात कही थी लेकिन अचानक से वे दोबारा से तृणमूल में शामिल हो गए थे।

पश्चिम बर्धमान जिले के पंडावेश्वर से दो बार के पार्टी विधायक एवं आसनसोल के पूर्व महापौर जितेंद्र तिवारी मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए। तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ पहले भी बगावत की थी लेकिन भाजपा द्वारा पिछले साल दिसंबर में उन्हें पार्टी में शामिल करने से इनकार करने के बाद वह मायूस हो गए थे। कहा जाता है कि आसनसोल से बीजेपी सांसद बाबुल सुप्रियो सहित कई स्थानीय नेताओं ने जितेंद्र तिवारी के भाजपा में शामिल होने की सूचना पर नाराजगी प्रकट की थी जिसके बाद भाजपा ने शामिल करने से मना कर दिया था। 

आज मंगलवार को जितेंद्र तिवारी हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि मैं भाजपा में शामिल हुआ हूं क्योंकि मैं राज्य के विकास के लिए काम करना चाहता हूं। तृणमूल कांग्रेस में रहते हुए काम करना संभव नहीं था।

जितेंद्र तिवारी से पहले ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के कई नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी, पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी, वैशाली डालमिया समेत पार्टी के कई नेता बीजेपी का दामन थम चुके हैं। अभी कुछ दिन पहले ही तृणमूल से राज्यसभा सांसद और पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 

294 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए चुनाव 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में होंगे। चुनाव आयोग के बंगाल में आठ फेज में चुनाव कराने के फैसले पर ममता बनर्जी ने निशाना साधा था। मुख्यमंत्री ने सवाल खड़े करते हुए कहा है कि क्या यह पीएम मोदी और अमित शाह सहूलियत की को ध्यान में रख कर किया गया है। इसके अलावा ममता बनर्जी ने कहा कि हम चुनाव आयोग से आग्रह करते हैं कि वे बंगाल को भाजपा के नजरों से ना देखें।