बच्चे कोरोना की चपेट में आए तो हमारे पास पर्याप्त साधन भी नहीं हैं- स्कूल खोलने को लेकर मेदांता के डॉ. त्रेहान ने चेताया

स्कूलों को फिर से खोलने को लेकर मेदांता के प्रमुख डॉ एन. त्रेहान ने कहा है कि भारत में बच्चों का टीकाकरण नहीं हो रहा है। यदि पर्याप्त बच्चे बीमार पड़ जाते हैं, तो हमारे पास उनकी देखभाल के लिए अच्छी सुविधाएं नहीं हैं।

corona, covid-19, delhi, school दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने स्कूल खोलने का फैसला लिया है (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

देश भर में कोरोना के कम होते मामलों के बीच अब कई राज्यों में सरकार की तरफ से स्कूलों को खोला जा रहा है। लेकिन मेदांता अस्पताल के डॉ. त्रेहान ने कहा है कि बच्चे कोरोना की चपेट में आए तो हमारे पास पर्याप्त साधन भी नहीं है।

स्कूलों को फिर से खोलने को लेकर मेदांता के प्रमुख डॉ एन. त्रेहान ने कहा है कि भारत में बच्चों का टीकाकरण नहीं हो रहा है। यदि पर्याप्त बच्चे बीमार पड़ जाते हैं, तो हमारे पास उनकी देखभाल के लिए अच्छी सुविधाएं नहीं हैं। हमारी जनसंख्या के आकार को देखते हुए हमें सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें और कुछ महीनों के लिए धैर्य रखना चाहिए, तबतक एक टीका आ जाएगा और बच्चे टीकाकरण करवाने के बाद स्कूल जाएंगे। अभी हम किस कारण से स्कूल खोलने की जल्दी में हैं, मुझे नहीं पता?

गौरतलब है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने स्कूल खोलने का फैसला किया है। साथ ही कॉलेज और कोचिंग खोलने की भी इजाजत दी गई है। स्कूल खोलने को लेकर बनाई गई एक्सपर्ट कमेटी द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के बाद दिल्ली सरकार ने यह फैसला किया है। दिल्ली सरकार के आदेश के अनुसार स्कूल चरणबद्ध तरीके से खोले जाएंगे। 1 सितंबर से 9वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में 6वीं से लेकर 8वीं कक्षा तक के लिए स्कूल खोला जाएगा।

शुक्रवार को दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस कर स्कूल खोलने की घोषणा की थी। मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार के द्वारा कराए गए सर्वे में 70 प्रतिशत लोग स्कूल खोलने के पक्ष में थे। हालांकि अभी भी स्कूल को ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों माध्यमों से चलाया जाएगा। स्कूल आने के लिए विद्यार्थियों को उनके अभिभावक की अनुमति की आवश्यकता होगी और स्कूल आने के लिए किसी भी बच्चे को बाध्य नहीं किया जाएगा।