बार-बार कहते हैं ‘बक्कल तार देंगे’…क्या मतलब है इसका? एंकर ने राकेश टिकैत से किया सवाल तो देने लगे ऐसा ज़वाब

शो के एंकर मानक गुप्ता ने राकेश टिकैत से एक सवाल पूछ लिया, एक चीज आप बार बार बोलते रहे हैं, ‘बक्कल तार देंगे’…क्या मतलब है इसका?

Farmer Law, Farmer किसान नेता राकेश टिकैत (फोटो सोर्स – पीटीआई)

न्यूज 24 की लाइव डिबेट में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) पहुंचे तो उनसे ढेरों सवाल किए गए जिनके जवाब उन्होंने डंके की चोट पर दिए। इस बीच एक सवाल शो के एंकर मानक गुप्ता ने राकेश टिकैत से पूछ लिया, जिसमें उन्होंने कहा कि एक चीज आप बार बार बोलते रहे हैं, ‘बक्कल तार देंगे’…क्या मतलब है इसका? ऐसे में राकेश टिकैत ने कई बार अपने द्वारा इस्तेमाल किए गए इस वाक्या का मतलब समझाया।

एंकर ने राकेश टिकैत से पूछा- ‘बीजेपी ने अपने ट्विटर हेंडल पर एक तस्वीर शेयर की थी। आपने तब कहा था दिल्ली जैसा हाल लखनऊ का कर देंगे।’ इस पर राकेश टिकैत ने कहा- ‘लखनऊ में आने से हमें कौन रोकेगा?’ एंकर ने कहा- ‘बीजेपी ने एक पोस्ट किया था, उसमें एक कार्टून डाला था जिसमें एक आपका कार्टून भी बनाया। उस पोस्ट में दिखाया गया कि आप किसान आंदोलन लेकर चल रहे हैं। उसमें बाहुबली कहता है- ‘सुन लखनऊ जा रहे तम? कि में पंगा ना लिए भाई! योगी बैठा है बक्कल ना तार दिया करै!’

इस पर टिकैत जवाब देते हैं- ‘शब्द भी ये चुराते हैं औऱ रंग भी ये चुराते हैं, अपना कुछ भी नहीं है इनके पास। अपना काम ऐसे ही चला रहे हैं ये। इनकी भावना इसमें समझ ली है, ये किसान को खींच कर ले जा रहे हैं। हम सब किसान, घर से तैयार होकर आ रहे हैं। अरे किसान ने 10 महीने से दिल्ली को नहीं छोड़ा।’

ऐसे में एंकर राकेश टिकैत से सवाल करने लगते हैं। अच्छा सर ‘बक्कल तार दिया करै’ का मतलब बता दीजिए एक बार। ये आपने शुरू किया था, क्या होता है ये? इस पर राकेश टिकैत कहते हैं- ‘ये गांव की एक सख्त भाषा है। जब कोई किसी पर गुस्सा होता है तो इस भाषा का इस्तेमाल करता है।’ एंकर पूछते हैं- ‘इसका मारपीट से तो कोई लेना देना नहीं है ना?’ राकेश टिकैत जवाब में कहते हैं- ‘नहीं नहीं।’

बता दें, कुछ वक्त पहले बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा था कि इस बार यूपी चुनाव में बीजेपी को दिक्कत नहीं आने वाली हैं क्योंकि उनके ‘चाचा जान’ यूपी में आ चुके हैं। टिकैत ने ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘ असदुद्दीन ओवैसी आ गए हैं, वो तो बीजेपी को जिताकर ही मानेंगे।’