बिना तालिबान नहीं लड़ा जाएगा यूपी का चुनाव, बोले कांग्रेसी आचार्य, भाजपा नेता ने दिया जवाब

पता है कि चुनाव का मुद्दा क्या है? जैसे हाथी के दांत खाने के अलग होते हैं और दिखाने के अलग होते हैं वैसे ही कहने के लिए मुद्दे अलग हैं और वोट के लिए मुद्दे अलग हैं।

news 24,Acharya Pramod, Shazia Ilmi, Uttar Pradesh आचार्य प्रमोद और शाजिया इल्मी (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर न्यूज 24 पर चल रहे एक शो में कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने कहा कि विकास, महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे पर चुनाव लड़ा ही नहीं जाएगा। बीजेपी तालिबान के मुद्दे पर चुनाव में उतरेगी और उसकी शुरुआत हो गयी है। उनके बयान का भारतीय जनता पार्टी की नेता शाजिया इल्मी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह से वोट लिए जाते हैं तो फिर विकास की जरूरत क्या है?

आचार्य प्रमोद ने कहा कि शाजिया जी को भी पता है कि चुनाव का मुद्दा क्या है? जैसे हाथी के दांत खाने के अलग होते हैं और दिखाने के अलग होते हैं वैसे ही कहने के लिए मुद्दे अलग हैं और वोट के लिए मुद्दे अलग हैं। इनका मुद्दा है लव जिहाद, इनका मुद्दा है तालिबान है। गिनाने के लिए तो किसानों के मुद्दे हैं, ब्राह्मण उत्पीड़न का मुद्दा है, महंगाई का मुद्दा है लेकिन ये सब बस गिनाने के लिए है। इन मुद्दों पर चुनाव में वोट नहीं मिलेगा।

अफगानिस्तान में जितना तालिबान नहीं चल रहा है उससे अधिक ये भारत में चलेगा। तालिबान भारत में कभी नहीं आएगा, लेकिन उसका भूत भारत में आ चुका है। देश में तालिबान आ चुका है जब देश में आ चुका है तो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी रहेगा। पलटवार करते हुए शाजिया इल्मी ने कहा कि अगर इसी तरह से वोट लिए जाते हैं तो फिर विकास की जरूरत क्या है?

आचार्य प्रमोद ने कहा कि अगर इस देश में विकास के नाम पर वोट पड़ता तो शीला दीक्षित कभी चुनाव नहीं हारती। शाजिया इल्मी ने कहा कि शीला दीक्षित जी विकास की वजह से चुनाव नहीं हारी थी। आचार्य प्रमोद ने कहा कि अगर विकास पर वोट होता तो 2017 में अखिलेश यादव कभी चुनाव नहीं हारते। ये बात सच है कि 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी ने काफी काम किया था। लेकिन चुनाव विकास के मुद्दे पर नहीं हुआ।