बिहारः नीतीश सरकार का अनूठा कारनामा, अरवल में पीएम मोदी, शाह समेत सोनिया गांधी को लगा दी गई वैक्सीन

यह कारनामा अरवल जिले के करपी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ है। करपी स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन लेने वालों और कोरोना जांच कराने वालों की लिस्ट में गलत तरीके से एंट्री की गई है।

अरवल जिले में कोरोना वैक्सीन लेने वालों की लिस्ट में सोनिया गांधी, पीएम मोदी और अमित शाह समेत कई दिग्गज लोगों का नाम फर्जी तरीके से दर्ज किया गया। (एक्सप्रेस फोटो/ पीटीआई)

बिहार में नीतीश सरकार का एक अनूठा कारनाम सामने आया है। बिहार के अरवल जिले में देश के कई दिग्गज लोगों को वैक्सीन दी गई। चौंकिए मत, अरवल जिले में वैक्सीन लेने वालों की लिस्ट में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और सोनिया गांधी जैसे कई दिग्गज लोगों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा लिस्ट में प्रियंका चोपड़ा, अक्षय कुमार और दूसरे कई अन्य फिल्म कलाकारों के नाम भी दर्ज हैं।

दरअसल यह कारनामा अरवल जिले के करपी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ है। करपी स्वास्थ्य केंद्र पर वैक्सीन लेने वालों और कोरोना जांच कराने वालों की लिस्ट में गलत तरीके से एंट्री की गई है। इसमें गलत आधार कार्ड, गलत उम्र और गलत पता भी अंकित है। स्वास्थ्य विभाग की टीम इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और टीकाकरण पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने को लेकर दो कंप्यूटर ऑपरेटर को  हटा दिया गया है। 

दरअसल 27 अक्टूबर 2021 को अरवल के करपी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुई कोरोना जांच और वैक्सीनेशन की लिस्ट की जांच की गई। जांच में लिस्ट में अंकित कई फर्जी नाम, फर्जी पता और फर्जी आधार कार्ड का खुलासा हुआ। लिस्ट में कई नामी गिरामी लोगों के नाम शामिल होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अवाक रह गए।    

जिला अधिकारी जे प्रियदर्शिनी ने इस मामले को लेकर कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। दोनों डाटा एंट्री ऑपरेटर पर कार्रवाई की गई है। जिम्मेदार अधिकारियों पर भी मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही इस मामले में स्वास्थ्य प्रबंधक और प्रभारी पर मामले भी दर्ज कराए जाएंगे। दोषियों पर तत्काल कार्रवाई कर सस्पेंड करने का निर्देश भी दिया जाएगा।

इस पूरे मामले को लेकर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही दोनों जिम्मेदार डाटा ऑपरेटर को बर्खास्त कर दिया गया है। इस मामले को लेकर डीएम और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बातचीत की गई। दूसरे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की डाटा एंट्री भी जांच करने के लिए कहा गया है। तकनीकी चीजों में गलती नहीं होनी चाहिए। अगर इस तरह के और मामले सामने आएंगे तो ऐसे ही कार्रवाई की जाएगी।