बिहारः ‘हर घर नल का जल’ में उपमुख्यमंत्री के साले, बहू और रिश्तेदारों को मिले 53 करोड़ के 36 ठेके, भाजपा-जदयू नेताओं के क़रीबियों की भी चांदी

बिहार में हर घर नल का जल योजना को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के परिवार और उनके करीबी सहयोगियों को 53 करोड़ के प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं। इसमें राज्य के ही डिप्टी सीएम प्रसाद की बहू पूजा कुमारी और उनके साले प्रदीप कुमार भगत की दो कंपनियों के नाम शामिल हैं।

Water Scheme in bihar, Bihar Jal Yojna, Nitish Government हर घर नल का जन परियोजना में बिहार के 1.08 लाख पंचायत वार्डों में 95 फीसदी क्षेत्र को कवर किया गया है।(फोटो सोर्स : द इंडियन एक्सप्रेस)

बिहार में नीतीश सरकार द्वारा पांच साल पहले शुरू की गई हर घर नल का जल योजना तो वैसे कई मायनों में सफल बताई जाती है लेकिन इस योजना को लेकर द इंडियन एक्सप्रेस की चार महीने की लंबी जांच में जमीनी हकीकत कुछ और नजर आ रही है। जांच में पता चला है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के परिवार और उनके करीबी सहयोगियों को ही इस परियोजना में 53 करोड़ के प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं। जिसमें डिप्टी सीएम प्रसाद की बहू पूजा कुमारी और उनके साले प्रदीप कुमार भगत की दो कंपनियां हैं।

इसके अलावा उपमुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी प्रशांत चंद्र जायसवाल, ललित किशोर प्रसाद और संतोष कुमार की भी कंपनियां भी शामिल हैं। योजना से जुड़े रिकॉर्ड से पता चला है कि कटिहार में भवड़ा पंचायत के सभी 13 वार्डों में पूजा कुमारी और प्रदीप कुमार भगत की कंपनी को काम दिया गया।

वैसे दावा किया गया है कि हर घर नल का जल परियोजना में बिहार के 1.08 लाख पंचायत वार्डों में 95 फीसदी क्षेत्र को कवर किया गया है। वहीं इस योजना के जरिए राजनीति संरक्षण के आधार पर अपने ही सगे-संबधियों को फायदा पहुंचाने की जानकारी सामने आ रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सामने आया है कि ‘हर घर नल का जल योजना’ में उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के परिवार के लोगों व उनके करीबियों को ही 53 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट मिले हैं।

द इंडियन एक्सप्रेस ने बिहार के 20 जिलों में इस प्रोजेक्ट से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की और उन्हें रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) और बिहार के सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग (पीएचईडी) द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड के साथ मिलान किया। इतना ही नहीं उन परियोजना स्थलों का भी दौरा किया गया, जहां आंवटित किए गए ठेके राजनीतिक संबंध के आधार पर दिए गए थे। इस योजना को लेकर जमीन पर लागू करने में शामिल कई ठेकेदारों से बात की गई और राज्य भर के गांवों में योजना का लाभ पाने लाभार्थियों से सवाल भी किए गए।

आंकड़ों से पता चलता है कि, 2019-20 में पीएचईडी की तरफ से कटिहार जिले के कम से कम नौ पंचायतों में कई वार्डों को कवर करते हुए पेयजल योजना की 36 परियोजनाएं आवंटित कीं गईं। यहां से डिप्टी सीएम प्रसाद चार बार विधायक भी रहे हैं। वहीं कटिहार में भवड़ा पंचायत के सभी 13 वार्डों में पूजा कुमारी और भगत की कंपनी को काम दिया गया था।