बिहारः CPI छोड़ JDU में जा रहे कन्हैया? डी राजा ने दिया ये जवाब

कन्हैया कुमार के बिहार कैबिनेट मंत्री और नीतीश कुमार के करीबी अशोक चौधरी से मुलाकात किए जाने पर अटकलों का बाजार गर्म हो गया था।

kanhaiya kumar

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने नेता कन्हैया कुमार का बचाव किया है। दरअसल कन्हैया कुमार के बिहार कैबिनेट मंत्री और नीतीश कुमार के करीबी अशोक चौधरी से मुलाकात किए जाने पर अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। भाकपा ने साफ किया कि कन्हैया कुमार के जदयू में शामिल होने के सारे कयास गलत हैं। बता दें कि कन्हैया ने अशोक चौधरी से उनके घर पटना में मुलाकात की थी।

सीपीआई नेता डी राजा ने कहा कि कन्हैया के जेडीयू में शामिल होने की सारी बातें निराधार है। डी राजा ने कहा कि हम भी तो दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करते हैं। आखिर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के नुमाइंदों से मुलाकात तो करनी पड़ती है।

डी राजा ने मीडिया को बताया, “कन्हैया वामपंथी विचारधारा से गहरे रूप से जुड़े हुए हैं। उनका किसी और पार्टी में शामिल होने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। ” पार्टी ने साफ किया कि कन्हैया पार्टी के विधायक सूर्यकांत पासवान के साथ मंत्री चौधरी से मिले थे। लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर नेताओं ने मंत्री से मुलाकात की थी। पार्टी ने कहा, “CPI, पार्टी और कन्हैया की छवि खराब करने की कोशिशों की निंदा करती है।”

बता दें कि पिछले महीने हैदराबाद में हुई सीपीआई नेशनल काउंसिल की बैठक के बाद कन्हैया को कथित तौर पर घेर लिया गया था। पार्टी के बिहार कार्यालय सचिव के साथ दुर्व्यवहार करने की बात उस समय सामने आई थी। बता दें कि कन्हैया कुमार ने 2019 के आम चुनाव में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह के खिलाफ बिहार के बेगूसराय से चुनाव लड़ा था।

जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया नीतीश कुमार के प्रति नरम रहते हुए इतने हमलावर नहीं रहे हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव में पूर्व छात्र नेता ने नीतीश कुमार पर हमला करने से परहेज किया था। वहीं नीतीश कुमार कन्हैया के समर्थन में सामने आए थे जब 2016 में जेएनयू विवाद छिड़ गया था। जेडीयू तब NDA का हिस्सा नहीं था। 2017 में नीतीश कुमार के एनडीए में वापस आने के बाद भी दोनों ने एक-दूसरे के लिए नरम रुख बनाए रखा।