बिहार: नीतीश ने बटन दबा के किया 220 करोड़ के हाईवे का उद्घाटन, उधर गड्ढे में तैर रही थीं मछलियां, मामला कोर्ट ले जाने की तैयारी

चंद्रहास चौपाल ने इस मामले को लेकर द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि विधायक शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाएंगे और शून्यकाल समिति द्वारा इस पर ध्यान दिया जाएगा।

कांग्रेस विधायक के द्वारा स्टेट हाईवे 85 के निर्माण कार्य में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत किए जाने के बाद बिहार विधानसभा शून्यकाल समिति के अध्यक्ष चंद्रहास चौपाल ने सड़क का निरीक्षण किया था। (एक्सप्रेस फोटो)

बीते 25 अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 4 बड़े स्टेट हाईवे का उद्घाटन किया। इसमें भागलपुर, मुंगेर और बांका जिले के यात्रियों को सहुलियत पहुंचाने के लिए 220 करोड़ से बनाया गया स्टेट हाईवे 85 भी शामिल था। अब इस स्टेट हाईवे के निर्माण कार्यों में हुए भ्रष्टाचार की पोल बिहार विधानसभा की ही एक समिति ने खोल दी है। विधानसभा की समिति ने कहा है कि जिस दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस सड़क का उद्घाटन कर रहे थे उन्हें उसी दिन उस सड़क पर मौजूद गड्ढों में मछलियां तैरती हुई मिली। सड़क निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामले को अब कोर्ट में ले जाने की तैयारी की जा रही है।

भागलपुर, मुंगेर और बांका जिले के सड़क परिवहन को सुगम बनाने के लिए अमरपुर-अकबरनगर  स्टेट हाईवे 85 का निर्माण किया गया। 10 मीटर चौड़े इस सड़क की कुल लंबाई 29.3 किमी है और इसे करीब 220 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इस सड़क का निर्माण बिहार राज्य सड़क विकास निगम (BSRDC) की देखरेख में राजबीर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया था।

बीते दिनों चेनारी से कांग्रेस विधायक मुरारी गौतम ने स्टेट हाईवे 85 के निर्माण कार्य में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत बिहार विधानसभा शून्यकाल समिति के अध्यक्ष चंद्रहास चौपाल से की थी। जिसके बाद चंद्रहास चौपाल ने सड़क का निरिक्षण किया था। इस दौरान उन्हें सड़कों पर कई जगह गड्ढे मिले थे। जिसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत इस परियोजना की देखरेख कर रहे बिहार राज्य सड़क विकास निगम से की। 

चंद्रहास चौपाल ने इस मामले को लेकर द इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि हमें कांग्रेस विधायक से शिकायत मिली थी। जिसके बाद हमने 24 अगस्त और 25 अगस्त को सड़क का निरीक्षण किया। हमें अकबरनगर और श्रीरामनगर के बीच कई जगहों पर दरारें मिलीं। जिसके बाद हमने बीएसआरडीसी के अधिकारियों के सामने इस मामले को उठाया। साथ ही उन्होंने कहा कि विधायक शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाएंगे और शून्यकाल समिति द्वारा इस पर ध्यान दिया जाएगा।

वहीं बीएसआरडीसी के डीजीएम ने इस मामले को लेकर कहा कि नवनिर्मित सड़क के कुछ हिस्सों में दरारें थीं क्योंकि 12 दिनों से सड़क पर बाढ़ का पानी बह रहा था। हम बाढ़ के कारण सड़क के दोनों ओर कंक्रीट लगाने का काम नहीं कर पाए। लेकिन अब इसकी मरम्मत की जा रही है।

2020 के विधानसभा चुनाव में सुल्तानगंज से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले ललन कुमार के द्वारा मुद्दा उठाए जाने पर चेनारी विधायक मुरारी गौतम ने इसकी शिकायत की थी। सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने वाले ललन कुमार ने इस मामले को लेकर कहा कि हमें सड़क पर मौजूद गड्ढों में मछलियां तैरती हुई मिली। यह किसी भी तरीके से आम लोगों के खोले जाने के लिए तैयार नहीं थी. लेकिन इसके बावजूद उसे खोल दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि वे इस मामले में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर अब अदालत जाने की योजना बना रहे हैं।