बिहार में न गली दाल पर असम में तेजस्वी ढूंढ रहे पकवान, सहयोगियों की तलाश में RJD!

तेजस्वी ने असम में ही डेरा डाल रखा है। कांग्रेस नेताओं से उनकी मुलाकात हो चुकी है। वह अपनी मंशा से उनको अवगत करा चुके हैं। शनिवार दोपहर को उनकी मुलाकात AIUDF के बदरुद्दीन अजमल से होनी है।

Tejasvi Yadav

RJD नेता तेजस्वी यादव कांटे की टक्कर में बिहार का चुनाव एनडीए के हाथों गंवा बैठे थे, लेकिन इससे उनके हौंसले में कोई फर्क नहीं पड़ा है। फिलहाल वह असम के दौरे पर हैं और वहां एक अदद ऐसे राजनीतिक दोस्त की तलाश कर रहे हैं, जिसके साथ मिलकर एनडीए से अपनी हार का हिसाब बराबर कर सकें।

तेजस्वी ने अभी असम में ही डेरा डाल रखा है। कांग्रेस नेताओं से उनकी मुलाकात हो चुकी है। वह अपनी मंशा से उनको अवगत करा चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि शनिवार दोपहर को उनकी मुलाकात AIUDF के बदरुद्दीन अजमल से होनी है। अजमल कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। तेजस्वी को लगता है कि कांग्रेस नीत छह पार्टियों के गठबंधन में उन्हें भी जगह मिल सकती है। CAA का विरोध कर रही पार्टियों से उन्हें समर्थन मिलने की उम्मीद है। ध्यान रहे कि कांग्रेस-RJD ने राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन कर रखा है। लालू यादव के जमाने से कांग्रेस के साथ उनके दल के अच्छे रिश्ते हैं। इसके अलावा तेजस्वी कभी बीजेपी के दोस्त रहे बोडोलैंड पीपल फ्रंट के नेताओं से भी संपर्क साध रहे हैं।

हालांकि, तेजस्वी की पार्टी का असम में जनाधार न के बराबर है, लेकिन उनकी नजर असम में रह रहे बिहार मूल के लोगों पर टिकी है। उन्हें लगता है कि इस समुदाय के लोगों में उनकी पैठ बन सकती है। हालांकि, बिहार में उनकी प्रतिद्वंदी पार्टी JDU भी इन वोटरों को टारगेट करके असम के चुनाव में दस्तक देने जा रही है। बिहार में नीतीश की पार्टी एनडीए का घटक है, लेकिन असम में वह एकला चलो की राह पर है। अभी तक यह वोट बैंक बीजेपी के पास रहा है।

असम में विधानसभा की 126 सीट हैं। इसमें सत्तारूढ़ भाजपा के 60 विधायक हैं। वहीं कांग्रेस के पास 26 सीटे हैं। वर्तमान में राज्य का कार्यभार सर्बानंद सोनोवाल संभाल रहे हैं। गौरतलब है कि 2001 से 15 साल तक कांग्रेस राज्य में सत्ता में रही थी। कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत राजग का मुकाबला करने के लिए एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा (एमएल)और आंचलिक गण मोर्चा (एजीएम) के साथ एक महागठबंधन बनाया है।

गौरतलब है कि असम में 2016 में हुए विधानसभा चुनाव परिणाम में खंडित जनादेश आया था। किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। कांग्रेस ने 26 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि ऑल इंडिया AIUDF की झोली में 13 सीटें गई थी। भाजपा 60 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। उसके सहयोगी दल असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट को क्रमश: 14 और 12 सीटें मिली थी। सत्तारूढ़ गठबंधन को एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन प्राप्त है।