बीजेपी आईटी सेल के अमित मालवीय के ट्वीट पर रिपब्लिक टीवी ने चला दी खबर, पुलिस ने इसी आधार पर लगा दिया ख़ालिद पर UAPA- कोर्ट में उठा मामला

खालिद के वकील पाइस ने कहा कि चैनल की सामग्री एक यूट्यूब वीडियो से ली गई है जिसे ट्वीट से कॉपी किया गया। पत्रकार ने वहां जाने की जहमत भी नहीं उठाई।

UMAR KHALID, DELHI RIOTS, UAPA ACT, DELHI POLICE JNU का पूर्व छात्र उमर खालिद। (फोटोः ट्विटर@@SamiullahKhan__)

दिल्ली दंगों में हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में बंद जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई में उनके वकील ने कहा कि बीजेपी आईटी सेल के अमित मालवीय ने ट्वीट किया। रिपब्लिक टीवी ने खबर चला दी और पुलिस ने इसी आधार पर उमर ख़ालिद पर यूएपीए लगा दिया। फिलहाल कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 3 और 6 सिंतबर तक के लिए टाल दी है।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान उमर के वकील त्रिदीप पाइस ने बताया कि रिपब्लिक टीवी और न्यूज 18 ने पिछले साल 17 फरवरी को अमरावती, महाराष्ट्र में खालिद द्वारा दिए गए भाषण का पूरा वीडियो नहीं चलाया। दोनों ने वीडियो का छोटा हिस्सा ही चलाया था। पाइस ने कहा कि इस केस में दिल्ली पुलिस के पास रिपब्लिक टीवी और न्यूज 18 के वीडियो के अलावा कुछ नहीं था।

अदालत में पाइस ने रिपब्लिक टीवी द्वारा उमर के चलाए गए वीडियो को लेकर चैनल से पूछे गए जवाब को पढ़ा, जिसमें रिपब्लिक टीवी ने बताया कि वह वीडियो फुटेज उनके कैमरामैन ने रिकार्ड नहीं किया था बल्कि अमित मालवीय के एक पोस्ट से लिया गया था। पाइस ने कहा कि चैनल की सामग्री एक यूट्यूब वीडियो से ली गई है जिसे ट्वीट से कॉपी किया गया। पत्रकार ने वहां जाने की जहमत भी नहीं उठाई।

पाइस ने कहा कि चैनलों ने जो थ्योरी बनाई गई उसके मुताबिक 8 जनवरी को खालिद सैफी, उमर खालिद और ताहिर हुसैन शाहीन बाग में मिले थे। दोनों ने ट्रम्प के फरवरी में भारत दौरे के दौरान विरोध की योजना बनाई थी। विदेश मंत्रालय ने ट्रम्प के भारत आने की खबर 11 फरवरी को दी। उनका कहना था कि जब मंत्रालय 11 फरवरी को जानकारी देता है तो 8 जनवरी को ट्रंप के भारत दौरे के बारे में उन्हें कैसे जानकारी हो गई।

दिल्‍ली के रहने वाले उमर खालिद के पिता स्‍टूडेंट्स इस्‍लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के सदस्‍य और वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष रहे हैं। खालिद जेएनयू के छात्र रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ खालिद की दिलचस्‍पी ऐक्टिविज्‍म में भी रही है। कई सार्वजनिक मंचों से केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखे हमले करते रहे हैं। दिल्ली दंगों में खालिद को UAPA के तहत अरेस्ट किया गया है।

पुलिस के अनुसार खालिद ने किसी दानिश नाम के शख्‍स और दो अन्‍य लोगों के साथ मिलकर दिल्‍ली दंगों की साजिश रची थी। एफआईआर के अनुसार, खालिद ने दो अलग-अलग जगहों पर भड़काऊ भाषण दिए। उसने अमेरिकी राष्‍ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान नागरिकों से बाहर निकलकर सड़कें ब्‍लॉक करने को कहा ताकि अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रॉपेगैंडा फैलाया जा सके।