बीजेपी कार्यकर्ता ने लाखों रुपए खर्च कर बनाया पीएम मोदी का मंदिर, आपत्ति के बाद हटाई गई मूर्ति और ढक दिया गया मंदिर

प्रधानमंत्री मोदी का मंदिर बनाए जाने और बाद में मूर्ति हटाए जाने की घटना पर विपक्षी दलों ने भी तंज कसा है।

बीते दिनों महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता मयूर मुंडे ने करीब 1.6 लाख रुपए की लागत से पीएम मोदी का मंदिर बनवाया था। (एक्सप्रेस फोटो)

महाराष्ट्र के पुणे में एक बीजेपी कार्यकर्ता ने लाखों रुपए खर्च का प्रधानमंत्री मोदी का मंदिर बनवाया और उसमें पीएम मोदी की मूर्ति भी रखी गई। लेकिन कई तरह की आपत्तियों के सामने के बाद पुणे में बनाए गए पीएम मोदी के मंदिर से उनकी मूर्ति भी हटा दी गई और मंदिर को भी तिरपाल से ढक दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिनों महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता मयूर मुंडे ने करीब 1.6 लाख रुपए की लागत से पीएम मोदी का मंदिर बनवाया था। इसमें जयपुर के प्रसिद्ध लाल मार्बल भी लगाए गए थे। साथ ही मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित एक कविता भी लिखी गई थी। 

मयूर ने पिछले दिनों मंदिर बनाने को लेकर कहा था कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने विकास के बहुत से कार्य किये हैं और जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 ख़त्म करने, राम मंदिर बनवाने और तीन तलाक जैसे मुद्दों पर काम किया है। इसलिए उन्हें लगा कि जिस व्यक्ति ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया उनके लिए एक मंदिर होना चाहिए। इसलिए अपने परिसर में यह मंदिर बनाने का निर्णय लिया।   

पुणे में भाजपा कार्यकर्ता द्वारा मंदिर बनाए जाने की खबर सामने के बाद कई तरह की आपत्तियां सामने आने लगी। जिसके बाद मंदिर से प्रधानमंत्री मोदी की मूर्ति हटाने का निर्णय लिया गया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पीएमओ के द्वारा कड़ी आपत्ति दर्ज किए जाने के बाद यह फैसला लिया गया। पहले मंदिर से मूर्ति हटाई गई और उसे एक भाजपा कार्यकर्ता के घर में रख दिया गया। बाद में मंदिर को भी तिरपाल से ढक दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी का मंदिर बनाए जाने और बाद में मूर्ति हटाए जाने की घटना पर विपक्षी दलों ने भी तंज कसा है। एनसीपी नेता प्रशांत जगताप ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी के मंदिर निर्माण के बाद अब डीजल पेट्रोल के दामों में कमी आएगी, महंगाई घटेगी और लोगों के खातों में भी 15-15 लाख आएंगे। ऐसे मंदिर का निर्माण बौद्धिक दिवालियापन को दर्शाता है।