बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन ने 53 साल की उम्र में की शादी, पत्नी भी राजनीति में हो सकती हैं एक्टिव

ऐसी जानकारी भी है कि उनकी पत्नी श्रुति भी राजनीति में एक्टिव हो सकती हैं। अरविंद मेनन की पत्नी केरल के पालक्काड़ जिले की रहने वाली हैं।

arvind menon, kerala बीजेपी नेता अरविंद मेनन ने 53 साल की उम्र में शादी की है। (फोटो-ट्विटर)।

बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन ने राजनीति के बाद अब गृहस्थ जीवन में कदम रखा है। दरअसल उन्होंने 53 साल की उम्र में शुक्रवार को केरल के त्रिशुर में शादी की। उन्होंने परिजनों की मौजदूगी में श्रुति के साथ सात फेरे लिए। इससे पहले बीजेपी नेता ने 14 अगस्त को सगाई की थी। ऐसी जानकारी सामने आई है कि अरविंद मेनन शादी के बाद केरल में पार्टी का काम संभालेंगे और पार्टी के विस्तार पर ध्यान देंगे।

मालूम हो कि बीजेपी केरल में इतनी मजबूत स्थिति में नहीं है। ऐसे में मेनन पार्टी के लिए वहां काम करेंगे। ऐसी जानकारी भी है कि उनकी पत्नी श्रुति भी राजनीति में एक्टिव हो सकती हैं। अरविंद मेनन की पत्नी केरल के पालक्काड़ जिले की रहने वाली हैं। अरविंद मेनन ने अपनी शादी की सूचना देते हुए ट्वीट किया, ‘ पितृों के आशीर्वाद से केरल के गुरुवायुर मंदिर में भगवान गुरुवायुर अप्पन को साक्षी मानकर आज गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर लिया है। इस मौक़े पर मैं आप सभी महानुभावों के स्नेह व आशीर्वाद का भी आकांक्षी रहूंगा।’

यहां बता दें कि अरविंद मेनन के पास राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि है। वे लगभग 15 साल तक मध्य प्रदेश में संगठन के लिए काम कर चुके हैं। साल 2016 में अरविंद मेनन का बतौर संगठन महामंत्री के रूप में कार्यकाल पूरा हुआ था। इस समय वे बंगाल बीजेपी के प्रभारी हैं। अरविंद मेनन को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का करीबी माना जाता है।

बतौर मध्य प्रदेश के संगठन महामंत्री: यूं तो मेनन का जन्म केरल में हुआ लेकिन उनकी परवरिश वाराणसी में हुई है। सबसे पहले वे 20003 में इंदौर आए थे। साल 2002-03 में इंदौर में बतौर संगठन में पदाधिकारी बने। विभाग से लेकर इंदौर के संभागीय संगठन मंत्री भी बने। इसके बाद 2006 में उन्हें महाकौशल प्रांत का सह संगठन मंत्री बनाया गया।

सह संगठन महामंत्री पद से होते हुए वे मध्य प्रदेश के संगठन महामंत्री बनाए गए थे। मेनन ने करीब 13 साल संगठन का काम किया। इस बीच उनकी सीएम शिवराज सिंह चौहान से गहरी दोस्ती हो गयी।

ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने राज्य में पार्टी के संगठन में भी अपने कुछ वफादार लोग तैयार किए थे, जिनमें से कुछ पर राज्य प्रशासन में कई स्तरों पर गड़बड़ी करने का आरोप भी है।