बॉलीवुड की फिल्मों में छोटे मोटे रोल करने वाले शख्स का बेटा बना IPS अधिकारी, अब फिल्मों में उसके नाम से रोल करते हैं बड़े-बड़े एक्टर

इंटरव्यू से पहले यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को अपने पसंद के पदों का चुनाव करना होता है। आमतौर पर अभ्यर्थी आईएएस, आईपीएस, आईएफएस समेत कई पदों का चुनाव करते हैं। लेकिन राकेश मारिया ने फॉर्म में दिए गए ऑप्शन में पांच बार आईपीएस ही लिख दिया क्योंकि उनके ऊपर पुलिस अधिकारी बनने का जुनून सवार था। 

मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया ने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच की। जिसमें फिल्म अभिनेता संजय दत्त से जुड़ा मुंबई ब्लास्ट केस और 26/11 भी शामिल था। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

भारतीय समाज में अक्सर यह कहा जाता है कि परिवार में जैसा माहौल होता है, बच्चे भी उसी के अनुसार ढलते हैं। अमूमन बॉलीवुड की दुनिया से संबंध रखने वाले परिवारों के बच्चों का रुझान भी फिल्मों और सिनेमा की तरफ ही होता है। लेकिन कई ऐसे विरले भी होते हैं जो कुछ अलग करने की सोचते हैं। ऐसी ही कहानी मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर रहे राकेश मारिया की है। बॉलीवुड से पिता के जुड़े होने के बावजूद भी राकेश मारिया ने करियर के तौर पर भारतीय पुलिस सेवा को चुना। भले ही उनके पिता बॉलीवुड की फिल्मों में छोटे मोटे किरदार करते थे लेकिन आज कई नामी गिरामी एक्टर उनके नाम से रोल करते हैं।

हालांकि राकेश मारिया के आईपीएस बनने की कहानी भी काफी रोचक है। राकेश मारिया ने अपनी किताब लेट मी से इट नाउ में इसका जिक्र किया है। किताब के अनुसार घर चलाने के लिए राकेश के पिता बॉलीवुड की फिल्मों में छोटे मोटे रोल किया करते थे। जब राकेश काफी छोटे थे तो एक बार उनके पिता ने किसी अपराध में फंसे अपने एक सहकर्मी की जमानत करवाई थी। लेकिन एक दिन उनके पिता का वह सहकर्मी भाग गया. जिसके बाद उनके पिता को पुलिस के सामने पेश होना पड़ा। हालांकि यह सिलसिला लंबे समय तक चला। उन्हें पुलिस के सामने काफी समय तक बैठना पड़ता था और उनके सवालों के जवाब देने होते थे। अपने पिता के साथ हो रहे इस तरह के व्यवहार के कारण राकेश मारिया ने बचपन में ही पुलिस अधिकारी बनने की ठानी।

अपने सपने को पुरा करने के मकसद राकेश मारिया ने साल 1974 में हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद सेंट जेवियर्स कॉलेज मुंबई में एडमिशन लिया। जब वे कॉलेज के तीसरे साल में थे तो उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने की ठानी क्योंकि भारतीय पुलिस सेवा उनके दिल में बसा हुआ था। इतना ही नहीं राकेश इस परीक्षा को पहली बार में ही पास करना चाहते थे। इसके लिए राकेश ने ग्रेजुएशन करने के बाद पूरे एक साल जमकर मेहनत की। मुंबई में ठीक ढंग से यूपीएससी की तैयारी नहीं हो पाने के कारण वे दिल्ली आ गए।

दिल्ली आकर उन्होंने अपने दोस्त के घर रहकर अपनी तैयारी। वे दिल्ली की ही एक कोचिंग से ही तैयारी किया करते थे। राकेश की मेहनत रंग लाई और पहले ही प्रयास में उन्होंने यूपीएससी की मुख्य परीक्षा पास कर ली। इंटरव्यू से पहले यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को अपने पसंद के पदों का चुनाव करना होता है। आमतौर पर अभ्यर्थी आईएएस, आईपीएस, आईएफएस समेत कई पदों का चुनाव करते हैं। लेकिन राकेश मारिया ने फॉर्म में दिए गए ऑप्शन में पांच बार आईपीएस ही लिख दिया क्योंकि उनके ऊपर पुलिस अधिकारी बनने का जुनून सवार था।

हालांकि इससे संबंधित सवाल उनसे इंटरव्यू के दौरान भी पूछा गया कि आखिर उन्होंने पांच बार आईपीएस ही क्यों लिखा है। हालांकि उन्होंने इसका जवाब भी काफी सच्चाई के साथ दिया। आख़िरकार इंटरव्यू में सफल होने के बाद उनको आईपीएस के लिए चुन लिया गया। ट्रेनिंग के बाद उनको महाराष्ट्र कैडर मिला। जहां वे कई जिलों के एसपी रहे। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों की जांच भी की। जिसमें फिल्म अभिनेता संजय दत्त से  जुड़ा मुंबई ब्लास्ट केस और 26/11 शामिल था। 26/11 हमले के दौरान वे मुंबई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर थे। मुंबई हमले के मुख्य दोषी कसाब से पूछताछ भी उन्होंने ही की थी। जिसके बाद उसने कई सारी बातें कबूली थी। मुंबई हमले के ऊपर बनी कई फिल्मों में राकेश मारिया के किरदार को भी दिखाया गया है जिसे बॉलीवुड जगत के कई बड़े कलाकारों ने निभाया है।