‘बोफोर्स’ घोटाले पर खबर देख भड़क गए थे अमिताभ बच्चन, पहुंच गए थे पत्रकार के घर

अमिताभ बच्चन की जिंदगी में वो ऐसा दौर आया था जब हर दिन अख़बारों में उनकी आलोचनाएं छपने लगी थीं। अमिताभ बच्चन ने बताया था कि हर सुबह का अखबार खोलकर देखना उनके लिए बड़ा भारी होता था। उस वक्त वह बहुत परेशान हो गए थे।

Amitabh Bachchan, MegaStar Amitabh Bachchan, महानायक अमिताभ बच्चन (फोटो सोर्स- इंस्टाग्राम @bigbfans)

जब राजीव गांधी सरकार बोफोर्स घोटाले से घिर गई थी। तब अमिताभ बच्चन पर भी सवाल उठाए गए थे। उस वक्त अमिताभ बच्चन ने गांधी परिवार से नजदीकियों के चलते राजनीति में कदम रखा था। अमिताभ बच्चन की जिंदगी में वो ऐसा दौर आया था जब हर दिन अख़बारों में उनकी आलोचनाएं छपने लगी थीं। अमिताभ बच्चन ने बताया था कि हर सुबह का अखबार खोलकर देखना उनके लिए बड़ा भारी होता था। उस वक्त वह बहुत परेशान हो गए थे।

अमिताभ बच्चन अर्णब गोस्वामी के शो फ्रैंक्ली स्पीकिंग में जब पहुंचे थे तब उन्होंने उस वक्त का एक किस्सा शेयर किया था। अमिताभ बच्चन ने बताया था कि एक पत्रकार थे जो कि हर दिन उनके खिलाफ कुछ न कुछ लिखते ही रहते थे। ऐसे में एक दिन अमिताभ बच्चन के सब्र का बंध टूट गया और वह उस पत्रकार की चौखट तक जा पहुंचे। जब अमिताभ बच्चन ने पत्रकार के घर का दरवाजा खटखटाया तो पत्रकार उन्हें अपनी दहलीज पर देख कर चौंक गए थे।

अमिताभ बच्चन ने शो पर कहा था- ‘हम कलाकार हैं, हम नकारात्मकता को नहीं देखना चाहते, जरा भी। क्योंकि इससे काम में पूरा ध्यान नहीं लग पाता। क्रिएटिव इंसान ये सब नहीं झेल सकता। उस वक्त भी ऐसी हेडलाइंस आने लगी थीं कि आप ऐसे हैं, आपकी गिरफ्तारी होनी चाहिए, आपने ये किया है, आपको गोली मार देनी चाहिए, आपको मार डालना चाहिए। ये मेरे लिए बहुत डिस्टर्बिंग था।’

बिग बी ने बताया था- ‘मैं जब जब हर सुबह ऐसी खबरें पढ़ता था तो बहुत सदमें मे आ जाता था, मैं कैमरा के सामने जाकर परफॉर्म नहीं कर पाता था। ऐसे में एक जेंटलमैन थे, वह किसी संस्थान में एडिटर थे, वह कुछ सवालों के साथ हर दिन मुझे कटघरे में खड़ा कर देते थे। ऐसे ऐसे सवाल करते थे कि ये बताओ-ये बताओ। मैं समझ नहीं पा रहा था कि मैं क्या करूं? ऐसे में एक सुबह मैंने एक फैसला किया।’ (पूर्व पीएम के फेवर से बोफोर्स घोटाले में मैंने अमिताभ को बचाया, जब बोले थे अमर सिंह)

अमिताभ बच्चन ने आगे बताया- ‘मैंन उस शख्स का पता लगाया। मैंने उस अखबार के एडिटर के घर का पता ढूंढ निकाल। मैंने अपनी कार पकड़ी, और खुद चला कर वहां तक जा पहुंचा। मैंने उनका दरवाजा खटखटाया, उन्होंने दरवाजा खोला, मुझे देख कर उन्होंने कहा- आप यहां कैसे आए? तो मैंने पूछा कि आपने ही ये सारे सवाल मेरे लिए लिखे हैं? तो उन्होंने हां में जवाब दिया।’

अमिताभ ने आगे बताया था- ‘मैंने उनसे पूछा- क्या मैं अंदर आ सकता हूं, क्योंकि मुझे इन सारे सवालों के जवाब आपको देने हैं। तो उन्होंने कहा- अरे नहीं नहीं सर ऐसा कुछ नहीं है, इसकी कोई जरूरत नहीं। मैंने जोर दिया औऱ कहा कि नहीं जरूरत है। मैं उनके पास 3 घंटे बैठा। मैंने उनके हर एक सवाल का जवाब दिया था। फिर मैंने उनसे कहा कि आशा है कि अब आप संतुष्ट होंगे। तो उन्होंने कहां- हां। मुझे माफ कीजिए मैंने आपसे ये सब कुछ पूछा। इसके बाद उन्होंने कहा कि प्लीज मेरी फैमिली पत्नी बच्चों से मिलिए। फिर मैं उनके परिवार से मिला।’