“ब्याह की उम्र हो 21 बरस”, PM को चिट्ठियां भेज गुहार लगा रहीं ‘नए भारत’ की लड़कियां- घरवाले शादी चाहते हैं, पर हमें पढ़ना है…

अभियान के हिस्से के रूप में इस बार रक्षाबंधन के दिन हरियाणा के हिसार में बहनों ने अपने भाइयों से वचन लिया कि उनकी शादी की उम्र 21 साल कर दी जाए।

Economy, Narendra Modi Sad प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो सोर्स – सोशल मीडिया)

लड़कियों की शादी की उम्र को बढ़ा दिया जाए इसके लिए लड़कियों ने एक मुहिम शुरू की है। लाडो पंचायत के जरिए शादी की उम्र 21 साल किए जाने को लेकर अभियान चलाया गया है। मुहिम को सेल्फी विद डॉटर नाम दिया गया है। अभियान के हिस्से के रूप में इस बार रक्षाबंधन के दिन हरियाणा के हिसार में बहनों ने अपने भाइयों से वचन लिया कि उनकी शादी की उम्र 21 साल कर दी जाए। इस मुहिम के तहत हरियाणा के कई गांवों की तकरीबन 150 बेटियों ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है कि उनकी शादी की उम्र 21 साल कर दी जाए।

पीएम मोदी को लिखी चिट्ठियों में से एक लड़की ने लिखा, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री जी मेरी उम्र 18 साल की है। मेरे घरवाले रिश्ता ढूंढ़ रहे हैं। आप शादी की उम्र 21 साल कर दीजिए। जिससे हम पढ़ सकें और आगे बढ़ सकें। मिली जानकारी के मुताबिक अकेले हिसार के 10 गांवों की 150 बेटियों ने इस तरह की चिट्ठी पीएम को लिखी है। लाडवा गांव की शालू ने लिखा, ‘मैं हिसार के लाडवा की रहने वाली हूं। हाल ही में मैंने 12वीं की परीक्षा पास की हैं। मैं डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती हूं। पीएम सर से अपील है कि लड़की की शादी की उम्र 21 साल की जाए, ताकि आगे की पढ़ाई कर अपना करियर बना सकूं। समाज को एक सफल नारी का योगदान भी प्रदान कर सकूं।’

हिसार के बालवास गांव की प्रिया ने बताया, ‘मैं गांव बालवास की रहने वाली हूं। हाल ही में ग्रेजुएशन में एडमिशन लिया है। मैं शिक्षक बनना चाहती हूं। कुछ समय पहले ही सेल्फी विद डॉटर की लाडो टीम में सामाजिक कार्यकर्ता सुनील से प्रेरित होकर जुड़ी। मैंने पीएम को चिट्ठी भेजी है, जिसमें लड़कियों की शादी की उम्र 18 की बजाय 21 साल कराने की मांग की है। जिससे बेटियों को नए अवसर प्राप्त करने का मौका मिलेगा।’

नलवा गांव की बाला ने बताया, ‘मैंने हाल ही में बीए में एडमिशन लिया है। मैं अभी आगे पढ़ना चाहती हूं। पीएम को भेजी चिट्ठी में मांग कि है कि लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल की जाए। ताकि आासानी से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर सकें। अपने आने वाले भविष्य को समझ सकें। साथ ही अपने आप को पहचानने में भी समक्ष हो सकें।’

सातरोड़ कलां गांव की रितिका ने बताया, ‘ मैंने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की है। घरवाले अभी से मेरी शादी करना चाहते हैं। मैं अभी आगे की पढ़ाई करना चाहती हूं। हालांकि मनाने पर घरवाले शादी बाद में करने को तैयार हो गए हैं। प्रधानमंत्री जी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ महिम को शुरू किया, उसके लिए शुक्रिया। अब आप लड़कियों की शादी की संवैधानिक उम्र भी 21 साल करवा दीजिए। ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका मिल सके।’