भतीजे अखिलेश की SP से विलय को राजी है चाचा शिवपाल, फिर कहां अटक रही है बात? जानें

शिवपाल यादव ने कहा कि मैं चाहता हूं कि सभी दल एक होकर भारतीय जनता पार्टी को हराने में मदद करें। लेकिन जो भी हमारे साथ लोग हैं उनका सम्मान बना रहे।

Yadav, Shivpal Yadav समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

एबीपी न्यूज के ‘शिखर सम्मेलन’ कार्यक्रम में जब शिवपाल यादव से पूछा गया कि क्या आपकी पार्टी का समाजवादी पार्टी में विलय हो जाएगा? जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वो अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का समाजवादी पार्टी में विलय करवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन सम्मान के साथ।

शिवपाल यादव ने कहा कि मैं चाहता हूं कि सभी दल एक होकर भारतीय जनता पार्टी को हराने में मदद करें। लेकिन जो भी हमारे साथ लोग हैं उनका सम्मान बना रहे। उन्होंने पत्रकार पंकज झा से कहा कि मेरी बात पहुंचा दो, कह देना कि चाचा तो तैयार हैं लेकिन मेरे जो भी लोग हैं उनका ए़डजस्टमेंट होना चाहिए। जब उनसे पूछा गया कि आप विलय चाहते हैं या नहीं? शिवपाल यादव ने कहा कि वो तो बात होने के बाद ही तय होगा। लेकिन जो भी होगा वो सम्मान के साथ होगा। मुझसे पहले मेरे साथियों का सम्मान होना चाहिए।

शिवपाल के विलय प्रस्ताव पर एंकर ने कहा कि मुझे नहीं लगता है कि अब इसमें कोई दिक्कत है, जवाब में शिवपाल यादव ने कहा कि ये तो आप ही करवा सकते हो। जब शिवपाल यादव से पूछा गया कि इस बार के चुनाव में क्या हो संभावना है? उन्होंने कहा कि परेशानी तो बहुत है जनता के सामने महंगाई है, बेरोजगारी है।सरकार ने कोई भी वादे पूरे नहीं किए हैं। इस कारण इस सरकार की वापसी नहीं होनी चाहिए।

 शिवपाल यादव से सवाल किया गया कि शुरुआत में तो आपका योगी आदित्यनाथ से मिलना – मिलाना भी होता था? इस सवाल के जवाब में शिवपाल यादव ने कहा कि, ‘ मिलना – मिलाना तो जो भी यूपी का मुख्यमंत्री होता है उससे की जाती है।’

उनकी बात पर पत्रकार ने टोकते हुए कहा कि लेकिन मायावती जी से तो नहीं होती थी? उस सवाल को टालते हुए कहा उन्होंने कि मैं तो स्वर्गीय कल्याण सिंह कई बार मिला हूं। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता मिले तो सबको खुशी होनी चाहिए। नौकरशाही सुन नहीं रही है तो उसकी शिकायत तो योगी आदित्यनाथ से ही करनी पड़ेगी न?