भाजपा सांसद बोले, चीन ने किया भारत की ज़मीन पर कब्जा, डरपोक बनकर नहीं चलेगा काम

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार को आगाह करते हुए कहा है कि चीन के साथ डरपोक बनकर काम नहीं चलने वाला है।

Subramanyam Swami, BJP MP, PM Modi, Nitin Gadkari, Modi Government

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सरकार को आगाह करते हुए कहा है कि चीन के साथ डरपोक बनकर काम नहीं चलने वाला है। स्वामी ने एक लेख को शेयर करते हुए ट्वीट किया, ”चीन भारत और भूटान की जमीन पर कब्जा कर रहा है। डरपोक बनकर चीन को जवाब नहीं दिया जा सकता है।” नेता ने रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश कटोच के लिखे एक लेख को शेयर करते हुए ये ट्वीट किया है।

लेख में कटोच ने लिखा है कि दुनिया के सामने अब ये बात साफ हो चुकी है कि चीन साल 2015 से ही कोरोना वायरस को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा था। साथ में लक्ष्य देश के स्वास्थ्य से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना भी इसमें शामिल था। कटोच ने लिखा, ‘हालांकि चीन ने वायरस के सामने आने के बाद दुनिया के आगे इस तरह से दिखावा किया कि वह कोरोना महामारी से पीड़ित है। जुलाई 2017 में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक के रूप में टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयियस को नियुक्त किया जाना इस योजना का हिस्सा था। जिन्होंने “वुहान वायरस” को कोविड करार दिया था।’

कटोच ने लिखा है कि चीन की जैविक युद्ध से जुड़ी तैयारियों से ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग देशों के म्यूटेंट पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की जा रही है। जिससे चीन बच निकले। हालांकि चीन धीरे-धीरे तमाम गलत कारणों से सुर्खियों में आ रहा है। पहली बार, संयुक्त राष्ट्र ने शिंजियांग में उइगर क्षेत्र में उइगरों के खिलाफ चीन के अत्याचारों पर चर्चा की है। इसी तरह कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने हाल ही में भूटान क्षेत्र के अंदर एक चीनी गांव के निर्माण को कवर किया है।

कटोच ने लिखा, ‘चीन विदेशी क्षेत्रों पर ऐतिहासिक दावों के निर्माण के लिए ‘कानूनी युद्ध’ का इस्तेमाल करता रहा है। यह अवैध दावों को मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ स्थानों को चीनी नाम देने पर जोर देता है। बीजिंग ने भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों को चीनी नाम दिया है, जिस पर वह अवैध रूप से दक्षिण तिब्बत होने का दावा करता है। नवंबर 2020 में, मीडिया ने बताया कि चीन ने भूटान की दक्षिण-पश्चिमी सीमा के अंदर तोरसा नदी के किनारे ‘पंगडा’ नामक एक गाँव बनाया था।’

लेख में कहा गया है कि शेन शिवेई ने डोकलाम क्षेत्र में स्थापित गांव की तस्वीरें पोस्ट कीं और बाद में बस्ती के सटीक स्थान का संकेत दिया। हालांकि, बीजिंग और थिम्पू दोनों ने इस बात से इनकार किया। अब सैटेलाइट इमेज एक चीनी गांव ‘ग्यालाफुग’ की तस्वीर सामने लाई है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इसे भूटान के अंदर दो किमी बनाया गया है। जिसमें एक नई सड़क है। ऐसी भी खबरें आई हैं कि भारत के साथ सीमा तक सुरक्षित पहुंच के लिए चीन ने पश्चिमी भूटान के अन्य क्षेत्रों पर धीरे-धीरे अतिक्रमण कर लिया है।