भारत के बैन को चालाकी से धता बता रहे ये चीनी ऐप, पाबंदी के बाद भी जोड़े 11.5 करोड़ यूजर्स

banned chinese apps: वर्तमान में भारत में टॉप 60 ऐप में से कम से कम 8 ऐप चीन द्वारा कंट्रोल किए जा रहे हैं। ये ऐप हर महीने कुल मिलाकर 21.1 करोड़ यूजर्स तक पहुंच रहे हैं।

banned chinese apps, banned apps in india, banned apps list banned chinese apps: प्रतिबंध के बावजूद कुछ चीनी ऐप्स का बढ़ है यूजरबेस। फाइल फोटो।

भारत सरकार ने एक साल पहले एक बड़ा कदम उठाते हुए चीनी ऐप को प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके पीछे देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा का हवाला दिया गया था। लेकिन प्रतिबंध के बावजूद कुछ चीनी ऐप देश में तेजी से बढ़ रहे हैं और जिसकी गवाही उनका बढ़ता यूजरबेस दे रहा है।

दरअसल, टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अधिकतर कंपनियों ने अपने चीनी कनेक्शन को छिपाने की कोशिश की है। साथ ही अपने ऐप्स को नए नामों के साथ लिस्टेड किया है। कई कंपनियों ने ऐप्स के स्वामित्व के बारे में बहुत कम जानकारी साझा की है।

60 ऐप्स में से 8 ऐप पर है चीनी कंट्रोल

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में भारत में टॉप 60 ऐप में से कम से कम 8 ऐप चीन द्वारा कंट्रोल किए जा रहे हैं। ये ऐप हर महीने कुल मिलाकर 21.1 करोड़ यूजर्स तक पहुंच रहे हैं। हालांकि जब चीनी ऐप्स पर बीते साल प्रतिबंध लगाया गया था, उस दौरान यानी जुलाई 2020 में इन ऐप्स के 9.6 करोड़ यूजर्स थे। ऐसे में बीते 13 महीनों 11.5 करोड़ नए यूजर्स बनाए हैं।

बीते साल भारत सरकार ने आईटी अधिनियम एक्स 69A के तहत भारत में 267 चीनी ऐप्स को बैन किया गया था। भारत और चीन के बीच सीमा और राजनयिक तनाव के कारण साल 2020 में सरकार ने टिकटॉक, यूसी ब्रााउजर, पबजी, हेलो, एलीएक्स्रेस, likee, shareit, Mi community, baidu, Bigo livem, wechat, कैम स्कैनर और शाओमी के कुछ ऐप्स थे।

PLAYit, ShareMe, Zili, Tiki, Resso, Noizz, mAst: Music Status, Mivi ऐसे ही तेजी से बढ़ने वाले ऐप हैं जिनका कनेक्शन चीन से है। बीते एक साल में इन ऐप्स के यूजर्स की संख्या हर महीने 21.1 करोड़ हो रही है। हालांकि नए अवतार में प्रवेश करने पर इन ऐप्स पर किसी का भी ध्यान नहीं गया है।

अधिकतर कंपनियों ने अपनी चीनी कनेक्शन को छिपाने का प्रयास किया है, अपने ऐप्स को नए कंपनी नामों के साथ लिस्ट किया है। हालांकि गूगल प्लेस्टोर से एप इंस्टॉल करने से पहले उसके नाम और डेवलपर कंपनी का नाम जरूर चेक कर लें।