भारत को कनाडा से मिल सकते हैं पांच हजार वेंटिलेटर, अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टरों का समूह कर रहा बातचीत

दूसरी तरफ अमेरिका के शीर्ष तीन सीनेटरों ने बाइडेन प्रशासन से भारत को कोविड-19 सहायता जल्द से जल्द पहुंचाने का आग्रह किया है।

Coronavirus, Ventilators

अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टरों के एक प्रभावशाली संगठन ने 5,000 वेंटिलेटर तुरंत भारत को मुहैया कराने के लिए कनाडा की सरकार के साथ बातचीत शुरू की है। कोविड-19 संक्रमण की तेज लहर के दौरान वेंटिलेटर की खरीदारी की गयी थी लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं हो पाया था।

‘अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ऑरिजिन’ (AAPI) के अध्यक्ष डॉ. सुधाकर जोन्नालगडा ने बताया, ‘‘हम कनाडा सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनके पास करीब 5,000 वेंटिलेटर है।’’ जोन्नालगडा ने पीटीआई को बताया, ‘‘ये वेंटिलेटर कनाडा के रेड क्रॉस के पास हैं। हमने कनाडा सरकार से रेड क्रॉस के जरिए कोविड-19 महामारी से जूझ रहे भारत को ये वेंटिलेटर मुहैया कराने का अनुरोध किया है।’’ जोन्नालगडा ने कहा कि संगठन के डॉक्टर इसके लिए काम कर रहे और उम्मीद है कि कनाडा सरकार स्वास्थ्य संकट से जूझ रहे भारत को इसे देने के लिए राजी हो जाएगी।

‘AAPI’ की निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अनुपमा गोटिमुकुला ने बताया कि संगठन ने मामले पर बुधवार को कनाडा सरकार से बात की। उन्होंने कहा AAPI के डॉक्टर भारत सरकार के साथ एक मंच विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं जिसके जरिए भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर भारत के मरीजों को निशुल्क टेली-मेडिसीन सेवा मुहैया कराएंगे।

अमेरिकी सीनेटरों की मांग- भारत को जल्द दें कोविड-19 से लड़ने की सहायता: दूसरी तरफ अमेरिका के शीर्ष तीन सीनेटरों ने बाइडेन प्रशासन से भारत को कोविड-19 सहायता तेज़ करने का आग्रह करते हुए कहा कि दक्षिण एशियाई देश में कोरोना वायरस के रोजाना तीन लाख से अधिक मामले आ रहे हैं और मुल्क की स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था इस स्थिति से निपटने में जद्दोजहद कर रही है।

संकट से निपटने के वास्ते भारत की मदद के लिए हाल में उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए तीन सीनेटरों ने विदेश मंत्री टॉनी ब्लिंकन को लिखे पत्र में यह भी आग्रह किया है कि प्रशासन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ‘कोवैक्स’ योजना में मजबूत योगदान देना जारी रखे और इस बात की एक विस्तृत योजना बनाए कि अमेरिका टीके के अपने अधिशेष का वितरण कैसे कर सकता है।

सीनेटर मार्क वार्नर, जॉन कॉर्निन और रॉन पोर्टमैन ने चीन और रूस जैसे देशों के टीकों के संबंध में दुष्प्रचार अभियान को लेकर चेताया भी है और गुजारिश की है कि इस तरह के प्रचार का मुकाबला करने के लिए प्रशासन को वह सब करना चाहिए जो वह कर सकता है। वार्नर और कॉर्निन सीनेट भारत कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं। वार्नर डेमोक्रेटिक पार्टी से आते हैं जबकि कॉर्निन और पोर्टमैन विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी से आते हैं।