भारत में मिली नकली कोविशील्ड- डबल्यूएचओ ने चेताया, अदार पूनावाला की सीरम ने भी माना

सीरम इंस्टिट्यूट ने भी माना है कि जो 2ml की वैक्सीन पाई गई है उसका उत्पादन उन्होंने नहीं किया। WHO ने चेतावनी जारी की है और कहा है कि नकली वैक्सीन को मार्केट से हटाना बहुत ज़रूरी है।

तस्वीर का सांकेतिक इस्तेमाल किया गया है। सोर्स- एक्सप्रेस @अमित मेहरा

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बहुत बढ़ गई थी। इस दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जब लोगों ने मोटी कमाई के लिए नकली इंजेक्शन बेच दिया। अब कोरोना वैक्सीन को लेकर भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं। WHO ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि भारत और यूगांडा में नकली कोविशील्ड वैक्सीन पाई गई है। सीरम इस्टिट्यूट ने भी इस बात की पुष्टि की है।

वैक्सीन के नकली होने का पता इसपर लिखी जाने वाली जानकारी के न होने से पता चला है। इसके अलावा 2ml की नकली वैक्सीन भी पाई गई जबकि सीरम इंस्टिट्यूट इसका उत्पादन नहीं करता है। सीरम इंस्टिट्यूट ने माना है कि यह वैक्सीन उसने नहीं बनाई थी।

SII ने क्या कहा?
WHO ने कहा था कि जुलाई-अगस्त के महीने में नकली वैक्सीन पाई गई है। सीरम इंस्टिट्यूट ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि मरीजों के स्तर पर इस बात की जानकारी मिली है। इस मामले में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि नकली कोविड वैक्सीन लोगों के लिए खतरा भी बन सकती है। इसकी पहचान करके बाजार से हटाना बहुत जरूरी है।

WHO ने हेल्थ सेंटर, सप्लायर और डिस्ट्रिब्यूटर्स को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें। वैक्सीन उनसे ही ली जाए जिनके पास लाइसेंस हो और उन्हें सरकार से इसे वितरित करने की अनुमति दी गई हो। जनवरी में भी इस तरह की खबरें सामने आई थीं। इक्वाडोर में लगभग 70 हजार लोगों को नकली वैक्सीन लगा दी गई थी। ये वैक्सीन प्राइवेट क्लीनिक ने लगाई थी और लोगों से मोटी रकम ऐंठी थी।