मना किया था चुनाव मत लड़ो, हारने के बाद यही हाल होता है- ‘निरहुआ’ की हार पर चाचा ने यूं मारा था ताना

दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ के चाचा ने मना किया था कि वो चुनाव नहीं लड़ें लेकिन उनकी बात उन्होंने नहीं मानी। निरहुआ जब हार गए और अपने घर गए तो…

dinesh lal yadav nirahua, nirahua political career, nirahua films

फिल्मों और राजनीति का पुराना रिश्ता रहा है। हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में कई अभिनेताओं ने राजनीति का रुख किया और वो सफल भी रहे। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में भी यह ट्रेंड देखने को मिला है। मनोज तिवारी, रवि किशन जैसे भोजपुरी अभिनेता फिल्मों के बाद अब राजनीति में कामयाब साबित हो रहे हैं। दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने भी साल 2019 में राजनीति में कदम रखा और वो लोकसभा का चुनाव भी लड़े। हालांकि वो जीत नहीं पाए थे।

निरहुआ के चाचा ने तब मना किया था कि वो चुनाव नहीं लड़ें लेकिन उनकी बात उन्होंने नहीं मानी और वो बीजेपी की तरफ से चुनावी मैदान में उतरे थे। निरहुआ जब हार गए और अपने घर गए थे तब उनके बड़े पापा ने पुरानी बात याद दिलाकर उन पर तंज कसा था और ये बात उन्होंने कपिल शर्मा शो पर बताई थी।

निरहुआ ने बताया था, ‘मेरे बड़े पिताजी ने मुझे चुनाव लड़ने से मना किया था। जब मैं गांव गया, रिप्ड जींस पहनकर और मैंने उनके पांव छुए तो उन्होंने मुझे नीचे से ऊपर तक देखा और बोले, मना किए थे न चुनाव मत लड़ो। हम बोले कि क्या हो गया तो कह रहे हैं देख लो तुम्हारी हालत।’ दिनेश लाल यादव ने अपने चाचा को बताया कि फटी जींस पहनना स्टाइल है लेकिन वो नहीं माने। उन्होंने आगे बताया था, ‘बड़े पापा ने कहा कि हमको सिखाओगे स्टाइल। हारने के बाद अच्छे अच्छों का यही हाल होता है बेटा।’

शो में पवन सिंह भी मौजूद थे। कपिल शर्मा ने उनसे पूछा कि आपने रवि किशन, मनोज तिवारी और निरहुआ तीनों के लिए प्रचार किया लेकिन निरहुआ हार गए दोनों जीत गए तो क्या आपने मन से उनके लिए प्रचार नहीं किया। जवाब में पवन सिंह ने कहा, ‘सबसे ज्यादा दिल से प्रचार भाई का ही किया था।’

दिनेश लाल यादव को राजनीति में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लाए थे। उन्होंने निरहुआ को पहली बार महाराष्ट्र में एक पुरस्कार समारोह में देखा था। इस बारे में बात करते हुए दिनेश लाल यादव ने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘उन्होंने मंच पर मुझे देखा था और मुझे बोले कि लखनऊ आइए, आपसे बात करनी है। मैं पहुंच गया बाबा (योगी आदित्यनाथ) से मिलने और मिलते ही उनका पहला शब्द था आप चुनाव लड़ेंगे। मैंने कहा मैं कहां से लडूंगा, मैं कुछ नहीं जानता।’

योगी आदित्यनाथ ने दिनेश लाल से कहा था कि वो कला के माध्यम से लोगों का अच्छा मनोरंजन करते हैं और राजनीति से वो लोगों की सेवा कर पाएंगे। निरहुआ अखिलेश यादव के खिलाफ आजमगढ़ सीट पर बीजेपी से लड़े थे। लेकिन अखिलेश यादव ने निरहुआ को हरा दिया था।