मनीष गुप्ता के घर पहुंचे अखिलेश यादव, पुलिस ने बंद कर दिया था गेट, कानपुर में भी जमकर बवाल

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने हाई कोर्ट के सिटिंग जज से इस मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का ऐलान भी किया है।

Kanpur Akhilesh Yadavm SP, Yogi Adityanath कानपुर व्यापारी मनीष गुप्ता के घर पहुंचे अखिलेश यादव(फोटो सोर्स: ट्विटर/@MohtaPraveenNBT)

गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पुलिस पिटाई के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बता दें कि गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मृतक के घर कानपुर पहुंचे। उन्होंने उनके परिजनों से मुलाकात की। वहीं जब अखिलेश यादव मनीष गुप्ता के घर पहुंचे तो पुलिस ने घर का दरवाजा बंद कर दिया था, जिसकी वजह से वो कुछ देर घर के बाहर ही खड़े रहे। हालांकि भारी बवाल के बीच अखिलेश यादव ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात तो की लेकिन उनके साथ आई भीड़ को घर के अंदर नहीं इजाजत नहीं मिली।

20 लाख आर्थिक मदद का ऐलान: पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की इस मामले की जांच हाई कोर्ट के किसी सीटिंग जज की निगरानी में हो।

योगी सरकार आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि, यह मामला सीधे तौर पर सरकार की नाकामी है। उन्होंने कहा कि, यह घटना काफी गंभीर है। इसमें सारे सबूत मिटा दिए गए। राज्य सरकार को पीड़ित परिवार को दो करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देनी चाहिए। हमारी पार्टी भी उन्हें 20 लाख रुपये देगी।

अखिलेश को बताया मामा: अखिलेश यादव ने मनीष गुप्ता के बेटे से सवाल किया कि, बेटा क्या नाम है? पढ़ाई चल रही है? अचानक इतनी भीड़ देखकर बच्चा अपनी मम्मी के पास दुबक गया। इस पर उसकी मां मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि ये भी मामा हैं। बता दें कि परिवार का आरोप है कि, पुलिस वालों ने मनीष की पीट-पीट कर हत्या कर दी।

वहीं अखिलेश यादव के आने से पूर्व मृतक मनीष गुप्ता के घर पर सपाइयों का जमावड़ा लग गया था। इस दौरान प्रशासन और सपाइयों में झड़प भी हुई।