मनीष गुप्ता हत्याकांड में मिला अहम सुराग, CCTV कैमरे में आया नजर, अचेत हालत में होटल से बाहर लाए थे पुलिसकर्मी

मनीष गुप्ता को अस्पताल ले जाने के बाद पुलिसवालों ने वहां बताया कि, चेकिंग के दौरान गिर जाने की वजह से नाक से खून निकलने लगा है। इसका इलाज कर दो।

kanpur property dealer murder, manish gupta murder gorakhpur, कानपुर, गोरखपुर मृतक मनीष गुप्ता (फाइल फोटो)

गोरखपुर के एक होटल में पुलिसकर्मियों की पिटाई से कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत के मामले में अहम सुराग मिला है। बता दें कि मनीष गुप्ता के मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए एसआईटी की टीम गोरखपुर पहुंची हुई है। वहीं सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि 5 पुलिसकर्मी मनीष गुप्ता के हाथ-पैर पकड़कर अचेत अवस्था में होटल कृष्णा पैलेस से बाहर लाए थे। फिर इसके बाद मनीष को बोलेरो में लिटाया गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी फूटेज में साफ दिखाई दे रही है।

पता चला है कि मनीष को 27 सितंबर को 12.24 पर पुलिसकर्मी बाहर लाए थे। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक जब मनीष को होटल को बाहर लाया गया तो वैसे ही एक बोलेरो होटल के सामने आकर रुकती है। इस दौरान पुलिसकर्मी आपस में बातें भी करते नजर आ रहे हैं। वहीं होटल स्टाफ(आदर्श) से दरोगा अक्षय मिश्रा कुछ बात करते हैं और फिर उसकी बाइक से बोलेरो के पीछे निकल जाते हैं।

वहीं जब मनीष को अस्पताल ले जाया गया तो, वहां आरोपी इंस्‍पेक्‍टर जेएन सिंह ने निजी अस्पताल मानसी के चिकित्‍सक और कर्मचारियों से कहा था कि चेकिंग के दौरान गिरने की वजह से नाक से खून आ रहा है, इसका इलाज कीजिए। वहीं इस अस्पताल के संचालक डॉक्टर पंकज कुमार दीक्षित ने भी कहा है कि, उन्‍होंने CCTV में देखा कि मनीष बेसुध हाल में थे।

गोरखपुर पहुंची टीम ने जब होटल के तीसरे फ्लोर पर स्थित कमरा नंबर 512 पर कैमिकल डाला तो जहां-जहां से खून के धब्बे साफ किए गए थे, वहां फिर से उभर आए। ऐसे में साक्ष्यों को कब्जे में लेकर टीम ने खून के धब्बों पर प्लास्टिक लगा दी है।

बता दें कि इस मामले में सामने आई सीसीटीवी फुटेज साफ पता चला है कि मनीष गुप्ता होटल में ही अचेत हो चुके थे। इस मामले की जांच कर रहे एसआईटी टीम को लीड करने वाले एसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने जानकारी दी है कि, अभी कुछ दिनों तक हमारी टीम गोरखपुर में परीक्षण करेगी।