ममता के मंत्री से सीबीआई ने की दो घंटे तक पूछताछ, उधर SC में बोली सरकार- बंगाल में हो रहीं चौंकाने वाली चीजें

बंगाल के मंत्री मानस रंजन भूनिया से सीबीआई ने दो घंटे तक पूछताछ की। एजेंसी ने उनसे उन तमाम पहलुओं के बारे में सवाल पूछा जो स्कैम से जुड़े हैं।

West Bengal Assembly Election 2021, Mamata Banerjee, Narendra Modi पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना।

ममता सरकार पर केंद्र अपना शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। सोमवार को पॉंजी स्कैम में बंगाल के मंत्री मानस रंजन भूनिया से सीबीआई ने दो घंटे तक पूछताछ की। एजेंसी ने उनसे उन तमाम पहलुओं के बारे में सवाल पूछा जो स्कैम से जुड़े हैं। मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि मंत्री से सवाल जवाब के बाद उन्हें जाने दिया गया, लेकिन उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि जब भी सम्मन मिले उन्हें हाजिर होना होगा।

उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में आरोप लगाया कि राज्य में चौंकाने वाली चीजें हुई हैं। डकैती की घटना सहित अन्य मामलों को बड़े पैमाने पर सीबीआई को दिया जा रहा है। राज्य की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कहा कि जब भी यह आरोप लगता है कि जांच निष्पक्ष रूप से नहीं हो रही है तो अदालत तथ्यों को ध्यान में रखती हैं। प्हले निष्कर्ष के बाद ही मामले को सीबीआई को स्थानांतरित कर देती हैं।

सिब्बल ने कहा- कई मामले सीबीआई को सौंपे गए हैं। कुछ चीजें बहुत चौंकाने वाली हुई हैं। एक मामले में आदमी जीवित है। इस बीच सीबीआई डकैती के मामलों की भी जांच कर रही है। जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की बेंच ममता सरकार की एक विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि उसे एजेंसी से निष्पक्ष और न्यायसंगत जांच की उम्मीद नहीं है। सीबीआई तृणमूल के पदाधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज करने में व्यस्त है।

सोमवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही सिब्बल ने शीर्ष अदालत से कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए दो-तीन घंटे लगेंगे। बेंच ने कहा कि समय की कमी के कारण वह आज मामले की सुनवाई नहीं कर पाएगी। अगले सप्ताह इस पर सुनवाई करेगी। बेंच ने अपने आदेश में कहा कि पक्षकारों की सहमति से इस मामले को 28 सितंबर, 2021 को पहले नंबर पर सूचीबद्ध किया जाए। पक्षकारों को दूसरे पक्ष को अतिरिक्त दस्तावेज की प्रति देने के बाद इसे 24 सितंबर, 2021 तक दाखिल करने की अनुमति दी जाती है।

गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में विधानसभा चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए एनएचआरसी की समिति के सदस्यों पर आरोप लगाए थे। राज्य सरकार ने कहा था कि समिति के प्रमुख राजीव जैन ने केंद्र सरकार के तहत खुफिया ब्यूरो के निदेशक के रूप में कार्य किया है।

एक अन्य सदस्य के बारे में सिब्बल ने कहा कि आतिफ रशीद ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के दिल्ली प्रदेश प्रभारी रूप में कार्य किया। वह अभी भी भाजपा के समर्थन में ट्वीट करते हैं। सिब्बल की दलील पर टिप्पणी करते हुए पीठ ने कहा, अगर किसी का राजनीतिक अतीत रहा हो और अगर वह आधिकारिक पद पर आ जाता है तो क्या हम उसके साथ पक्षपाती व्यवहार करेंगे?