ममता बनर्जी से मिले राजद नेता तेजस्वी यादव, बोले- लालू ने दिया है ममता जी को सपोर्ट करने का आदेश; कांग्रेस ने भी दी प्रतिक्रिया

तेजस्वी यादव ने ममता बनर्जी से मुलाकात करने के बाद कहा कि यह लालू प्रसाद यादव का आदेश है कि पूरी तरह से टीएमसी का साथ दिया जाए। बता दें कि ममता बनर्जी भी भाजपा के विरोधियों को इकट्ठा करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।

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चुनाव आयोग द्वारा तारीखों का ऐलान किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत में हर रोज कुछ न कुछ नया देखने को मिल रहा है। आज आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। उन्होंने पश्चिम बंगाल में रहने वाले बिहार के लोगों से अपील की कि भाजपा को रोकने के लिए टीएमसी का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव का आदेश है कि पूरी तरह से टीएमसी का साथ दिया जाए।

उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी ममता जी का पूरा सपोर्ट करने को तैयार है।’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नहीं चाहती की भाजपा चुनाव आयोग को नियंत्रित करे। हालांकि टीएमसी और आरजेडी के बीच गठबंधन के सवाल पर दोनों ही नेताओं ने किनारा कर लिया। ममता बनर्जी ने कहा, लालू जी से हमारे संबंध अच्छे रहे हैं। तेजस्वी भाई साथ में मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। हम साथ हैं।

इससे पहले आरजेडी के एक प्रतिनिधिमंडल ने टीएमसी के सांसद अभिषेक बनर्जी से बात की थी। बता दें कि इस समय टीएमसी में अभिषेक बनर्जी को नंबर दो पर माना जाता है। बता दें कि बिहार की एक बड़ी आबादी पश्चिम बंगाल के असंसोल, हावड़ा और कोलकाता में रहती है। ऐसे में बिहार के लोगों के वोट सियासत में बड़े मायने रखते हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी के लिए बंगाल का रण मुश्किल कर दिया है। ऐसे में अगर आरजेडी और टीएमसी का गठबंधन हो जाता है तो ममता बनर्जी को बड़ा सहारा मिलेगा।

दोनों नेताओं की मुलाकात पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, अगर तेजस्वी यादव टीएमसी से सीट शेयरिंग के बारे में बात कर रहे हैं तो इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है। हमने अभी तक किसी भी आरजेडी नेता से सीट शेयरिंग को लेकर कोई बात नहीं की है। बता दें कि पश्चिम बंगाल में लेफ्ट और कांग्रेस साथ में चुनाव लड़ रहे हैं।

बनर्जी से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा, ‘केंद्र सरकार द्वारा निरंतर देश के संघीय ढाँचे और संवैधानिक संस्थाओं पर प्रहार किया जा रहा है। सरकार जन कल्याणकारी कार्यों को छोड़कर विभिन्न राज्यों में चुनाव लड़ने में अधिक व्यस्त है।’